यूपी में दलितों के प्रति अपराध बढ़ा : महिला अपराध व दहेज हत्या के मामले में यूपी नंबर वन
एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने एनसीआरबी की रिपोर्ट का विश्लेषण जारी किया है। उन्होंने कहा है कि यूपी में अपराध दर में कमी आई है। वर्ष 2021 में एसिड अटैक की 22 और फिरौती के लिए अपहरण की 50 घटनाएं हुईं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने वर्ष 2021 के जो आंकड़े पेश किए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। यूपी महिला अपराध, दहेज हत्या और दलित उत्पीड़न के मामले में देश में नंबर वन है। यूपी में वर्ष 2021 में महिला अपराध के 56,083 मामले दर्ज किए हैं। इसके बाद राजस्थान में 40,738 मामले दर्ज हुए हैं। तीसरे नंबर पर महाराष्ट्र है। वहीं देश में दहेज हत्या के 6,628 मामले दर्ज हुए। इनमें से सर्वाधिक 2,235 मामले यूपी के हैं। वहीं, 48 मामले रेप अथवा गैंगरेप के साथ हत्या के हैं। दूसरे नंबर पर असम है, जहां 47 मामले सामने आए हैं। मध्य प्रदेश में 38 मामले रेप व गैंगरेप के साथ मर्डर के सामने आए। दुष्कर्म के मामलों में राजस्थान सबसे ऊपर है। यहां वर्ष 2021 में 6,337 मामले दर्ज किए गए। दूसरे नंबर पर मध्य प्रदेश (2,947) और तीसरे नंबर पर यूपी है, जहां 2845 मामले दुष्कर्म के दर्ज हुए।
उधर, दलित उत्पीड़न के सर्वाधिक मामले भी यूपी में ही दर्ज किए गए हैं। यहां 13,146 मामले दर्ज हुए हैं। दूसरे नंबर पर राजस्थान (7,524) और तीसरे नंबर पर 7214 घटनाओं के साथ मध्य प्रदेश है। यूपी में वर्ष 2020 में दलित उत्पीड़न के मामले की संख्या 12,714 थी। बड़े शहरों की बात करें तो जयपुर के बाद सबसे अधिक मामले लखनऊ में दर्ज हुए हैं। जयपुर में दलित उत्पीड़न के 361 मामले दर्ज हुए, जबकि लखनऊ में 268 मामले दर्ज किए गए।
महिलाओं के लिए असुरक्षित मेट्रोपॉलिटन शहरों में लखनऊ छठवें नंबर पर
महिलाओं के लिए असुरक्षित मेट्रोपॉलिटन शहरों में लखनऊ भी शामिल है। पहले नंबर पर दिल्ली है, जहां 13,982 मामले दर्ज किए गए हैं। दूसरे नंबर पर मुंबई (5,543 मामले), तीसरे पर बैंगलूरू (3,127), चौथे नंबर पर हैदराबाद (3,050), पांचवें नंबर पर जयपुर (2,827) और छठे नंबर पर लखनऊ (2,161 मामले) है।
बाल अपराध, मानव तस्करी व अपहरण के मामले भी बढ़े
एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2020 की तुलना में यूपी में बाल अपराध, मानव तस्करी और अपहरण के मामले बढ़े हैं। वर्ष 2021 में बाल अपराध की 16,838 घटनाएं हुईं जबकि वर्ष 2020 में 15,271 घटनाएं हुई थीं। इसी तरह वर्ष 2020 में मानव तस्करी के 90 मामले दर्ज थे, वहीं वर्ष 2021 में इन मामलों की संख्या 103 पहुंच गई। वर्ष 2020 में प्रदेश में 12,913 मामले अपहरण के दर्ज हुए थे जबकि वर्ष 2021 में 14,554 मामले दर्ज किए गए।
बुजुर्गोें के खिलाफ अपराध में हुई बढ़ोतरी
बुजुर्गों के खिलाफ अपराध के मामले भी वर्ष 2020 के मुकाबले वर्ष 2021 में बढ़े हैं। वर्ष 2020 में 353 मामले थे जबकि वर्ष 2021 में 423 मामले सामने आए। इसके बावजूद कई राज्य बुजुर्गों के साथ अपराध के मामले में यूपी से आगे हैं। जैसे महाराष्ट्र में बुजुर्गोें के खिलाफ अपराध के 6190 मामले, मध्य प्रदेश में 5273, आंध्र प्रदेश में 1818, कर्नाटक में 1442 मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा तमिलनाडु, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, हरियाणा, गुजरात और केरल जैसे राज्यों में यूपी से कहीं अधिक केस दर्ज होते हैं।
साइबर अपराध में अप्रत्याशित कमी, पर आर्थिक अपराध बढ़े
वर्ष 2021 में साइबर अपराध के मामलों में अप्रत्याशित कमी आई है। वर्ष 2020 में जहां इसके 11,097 मामले दर्ज हुए थे। वहीं वर्ष 2021 में 8,829 मामले साइबर अपराध के दर्ज किए गए। जबकि वर्ष 2021 के आंकड़ों में आर्थिक अपराध के मामलों में संख्या के हिसाब से यूपी तीसरे नंबर पर है। पहले नंबर पर राजस्थान (23,757), दूसरे नंबर पर तेलंगाना (20,759) और तीसरे नंबर पर यूपी है, जहां 20,026 केस दर्ज किए गए हैं।
वर्ष 2020 के मुकाबले हत्या की घटनाओं में कमी
प्रदेश में वर्ष 2020 के मुकाबले वर्ष 2021 में हत्या की घटनाओं में कमी आई है। वर्ष 2020 में जहां हत्या की 3,779 घटनाएं हुई थीं, वहीं वर्ष 2021 में 3,717 मामले हत्या के दर्ज किए गए।
प्रदेश में अपराध दर में आई कमी : प्रशांत कुमार
एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने एनसीआरबी की रिपोर्ट का विश्लेषण जारी किया है। उन्होंने कहा है कि यूपी में अपराध दर में कमी आई है। वर्ष 2021 में एसिड अटैक की 22 और फिरौती के लिए अपहरण की 50 घटनाएं हुईं। यह देश के सभी 36 राज्यों में न्यूनतम है। इसी तरह बाल अपराध में अपराध दर 19.7 फीसदी के साथ यूपी 28वें स्थान पर है। पाक्सो एक्ट के मामलों में 6.3 प्रतिशत अपराध दर के साथ यूपी 21वें स्थान पर है। इसी तरह अपराध दर के अनुसार दुष्कर्म के मामले में 27वें, शीलभंग के मामलों में यूपी का 19वें, हत्या के मामलों में 24वें और हत्या के प्रयास के मामले में 27वें स्थान पर है। डकैती के मामले में 29वें, नकबजनी के मामले में 33वें और लूट के मामले में 25वें स्थान पर है। उन्होंने बताया कि महिला संबंधी अपराधों, साइबर अपराधों, शस्त्रों के जब्तीकरण, आईपीसी के अपराध में गिरफ्तार अभियुक्तों की दोषसिद्धि में यूपी पहले स्थान पर है।