हादसे को दावत: लापरवाही से बढ़ गई गोमती पुल की दरार
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जिम्मेदारों की लापरवाही ने 1090 चौराहे से सीधे अंबेडकर पार्क जाने वाले गोमती पुल के ऊपर के हिस्से में आई दरार को और बढ़ा दिया है। दरार को कई महीने पहले देखा गया था।
इसकी मरम्मत नहीं किए जाने से दरार पुल की चौड़ाई वाले पूरे हिस्से तक फैल गई। यही नहीं दोनों स्लैब के बीच में करीब एक फीट का गैप बन गया है जोकि गड्ढे की शक्ल ले चुका है।
पुल में आई दरार ने रविवार को उस समय जिम्मेदार अधिकारियों को नींद से जगाया, जब वहां से गुजरने वाले लोगों ने इसकी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी।
यह दरार नदी के ऊपर ठीक चटोरी गली से पहले आई है। इसके बाद आनन-फानन अंबेडकर पार्क स्मारक समिति की रखरखाव टीम भी मौके पर पहुंची।
शाम को टीम ने खुद मुआयना कर सेतु निगम के अधिकारियों को इस दरार की सूचना दी। इसके बाद अब इस दरार से पुल को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सेतु निगम के जीएम आरएम गुप्ता ने अपनी टीम को निर्देश दिए हैं।
नुकसान मटियारी फ्लाईओवर की तरह, सात दिन बंद था ट्रैफिक
पुल के नदी के ठीक ऊपर जॉइंट खुलने की वजह से आई दरार उसी तरह है जैसी मटियारी फ्लाईओवर में देखी गई थी। एनएचएआई ने दरार दिखने के तुरंत बाद सात दिन के लिए पुल के ऊपर ट्रैफिक बंद कर दिया था।
इन सात दिन में पुल की मरम्मत की गई। इसके बाद ही इसपर ट्रैफिक खोला गया था। ट्रैफिक पुल के ऊपर बंद करने की वजह फ्लाईओवर को नुकसान होने से बचाना था। इसके उलट गोमती पुल पर अब भी ट्रैफिक चल रहा है।
...और यहां : ईंटें रखकर दरार को छिपा दिया था
गोमती पुल की दरार को बंद करने की जगह कई दिन पहले ईंट और पत्थर के टुकड़े दरार में डालकर उसे ढंक दिया गया। लापरवाही की गवाह अब यह ईंटें भी बन गई हैं जोकि वाहनों के पहियों से बुरी तरह घिस गई हैं। इससे वाहनों के निकलने के समय गड्ढा भी बड़ा होता चला गया।