{"_id":"61367ade8ebc3eae394dbeb1","slug":"court-sentenced-the-guilty-of-molesting-a-minor-lucknow-news-lko594388715","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 साल पुराने मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला, नाबालिग से दुराचार के दोषी को 14 साल कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15 साल पुराने मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला, नाबालिग से दुराचार के दोषी को 14 साल कैद
विज्ञापन
नाबालिग से दुराचार के दोषी को कोर्ट ने सुनाई 14 साल की कैद।
- फोटो : ??? ?????
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पड़ोस में रहने वाली नाबालिग को बहला फुसलाकर ले जाने और दुराचार करने के दोषी छोटेलाल गुप्ता उर्फ शिवप्रसाद को कोर्ट ने 14 साल की कैद और 70 हजार जुर्माने से दंडित किया है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट के एडीजे डॉ. अवनीश कुमार ने जुर्माने की पूरी रकम पीड़िता को बतौर प्रतिकर देने का आदेश दिया है।
सरकारी वकील अरुण पांडेय और पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़िता के पिता ने ठाकुरगंज थाने में 12 मई 2006 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें बताया था कि घर के बगल में दिनेश कुमार गुप्ता, अशोक गुप्ता, उनके साले शिवप्रसाद उर्फ छोटेलाल और बाबू किराए पर रहते हैं।
बताया गया कि बदनीयती के चलते इन सभी ने वादी के घर आना-जाना शुरू किया और परिवार में घुलमिल गए।
आरोप लगाया गया कि चारों 20 अप्रैल 2006 को वादी की 12 वर्ष की पुत्री को बहला फुसलाकर ले गए।
पुलिस ने विवेचना के बाद दिनेश गुप्ता, बाबू और अशोक गुप्ता को क्लीनचिट दे दी और छोटेलाल के खिलाफ चार्जशीट दायर की। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पीड़िता को बरामद किया।
मारपीट-तोड़फोड़ के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश
लखनऊ। घर के सामने कूड़ा डालने से मना करने पर घर में घुसकर मारपीट, गालीगलौज, धमकी देने और तोड़फोड़ के आरोपों को लेकर सुनील जायसवाल समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई का आदेश एसीजेएम अभिषेक खरे ने थाना प्रभारी बाजारखाला को दिया है। वादी प्रदीप कुमार यादव की ओर से वकील लक्ष्मेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज करने की मांग वाली अर्जी देकर बताया कि सुनील जायसवाल वादी के घर के सामने बराबर कूड़ा डालते थे। विरोध करने पर सुनील, उसके घर की महिलाओं बिट्टो और प्रीति ने बीती 27 जुलाई को घर में घुसकर वादी और उसके पिता को पीटा और गालीगलौज की। धमकी देते हुए एलईडी और फ्रिज को तोड़ दिया। साथ ही आरोपियों ने फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
फास्ट ट्रैक कोर्ट के एडीजे डॉ. अवनीश कुमार ने जुर्माने की पूरी रकम पीड़िता को बतौर प्रतिकर देने का आदेश दिया है।
सरकारी वकील अरुण पांडेय और पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़िता के पिता ने ठाकुरगंज थाने में 12 मई 2006 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें बताया था कि घर के बगल में दिनेश कुमार गुप्ता, अशोक गुप्ता, उनके साले शिवप्रसाद उर्फ छोटेलाल और बाबू किराए पर रहते हैं।
बताया गया कि बदनीयती के चलते इन सभी ने वादी के घर आना-जाना शुरू किया और परिवार में घुलमिल गए।
आरोप लगाया गया कि चारों 20 अप्रैल 2006 को वादी की 12 वर्ष की पुत्री को बहला फुसलाकर ले गए।
पुलिस ने विवेचना के बाद दिनेश गुप्ता, बाबू और अशोक गुप्ता को क्लीनचिट दे दी और छोटेलाल के खिलाफ चार्जशीट दायर की। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पीड़िता को बरामद किया।
विज्ञापन
मारपीट-तोड़फोड़ के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश
लखनऊ। घर के सामने कूड़ा डालने से मना करने पर घर में घुसकर मारपीट, गालीगलौज, धमकी देने और तोड़फोड़ के आरोपों को लेकर सुनील जायसवाल समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई का आदेश एसीजेएम अभिषेक खरे ने थाना प्रभारी बाजारखाला को दिया है। वादी प्रदीप कुमार यादव की ओर से वकील लक्ष्मेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज करने की मांग वाली अर्जी देकर बताया कि सुनील जायसवाल वादी के घर के सामने बराबर कूड़ा डालते थे। विरोध करने पर सुनील, उसके घर की महिलाओं बिट्टो और प्रीति ने बीती 27 जुलाई को घर में घुसकर वादी और उसके पिता को पीटा और गालीगलौज की। धमकी देते हुए एलईडी और फ्रिज को तोड़ दिया। साथ ही आरोपियों ने फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। (संवाद)
विज्ञापन