फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Court order, police commissioner take action against the daroga of chinhat police station

चिनहट थाने के दरोगा के खिलाफ कार्रवाई करें पुलिस कमिश्नर : कोर्ट

Sat, 09 Oct 2021 01:06 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 09 Oct 2021 01:06 AM IST
विज्ञापन
Court order, police commissioner  take action against  the daroga of chinhat police station
चिनहट थाने के विवेचक के खिलाफ सख्त हुआ कोर्ट। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
नाबालिग का अपहरण और दुराचार जैसे संवेदनशील मामले की विवेचना में तथ्यों को दरकिनार कर बिना सबूत के अब्दुल हसीब को आरोपी बनाकर जेल भेजने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है।
विज्ञापन

पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश महेश चंद्र वर्मा ने जहां आरोपी का न्यायिक रिमांड अस्वीकार कर दिया वहीं, चिनहट थाने के विवेचक अगस्त मुनि तिवारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर दंडित करने के लिए पुलिस कमिश्नर को आदेश की प्रति भेजने का आदेश दिया है।
विज्ञापन

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि विवेचक अगस्तमुनि तिवारी ने आरोपी अब्दुल हसीब के ऊपर पॉक्सो एक्ट की धाराओं की बढ़ोतरी की मांग वाली अर्जी दी है जिस पर आरोपी को जेल से तलब किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोर्ट ने कहा कि विवेचक ने दस्तावेजों में दर्ज किया कि पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी सगीर अहमद और अब्दुल हसीब के खिलाफ पॉक्सो एक्ट का आरोप बढ़ाया जाता है।
पत्रावली में कलमबंद बयान से पता चला कि पीड़िता ने बयान देकर बताया कि गांव का सगीर उसे परेशान करता था और शादी न करने पर धमकी देता था।
23 सितंबर को पीड़िता अपनी मौसी के घर लखनऊ आई थी, जहां से सगीर ने उसका अपहरण किया और सीतापुर, हरदोई और दिल्ली होते हुए अजमेर ले गया, जहां सगीर ने दुराचार किया। बाद में जोधपुर में पुलिस ने आरोपी को पकड़ कर पीड़ित को बरामद किया था।

कोर्ट ने कहा कि पीड़िता ने कलमबंद बयान में कहीं पर भी अब्दुल हसीब का नाम नहीं लिया बल्कि सारा अपराध सगीर द्वारा करना बताया है।
इसके चलते सगीर पर पॉक्सो समेत अन्य धाराएं बढ़ा दी गईं, लेकिन विवेचक ने अब्दुल हिसाब के खिलाफ बिना तथ्यों के ही पॉक्सो समेत अन्य आरोप बढ़ा दिए।
कोर्ट ने कहा कि विवेचक ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए कलमबंद बयान का विधि विरुद्ध तरीके से अतिक्रमण किया है। कोर्ट ने हसीब का रिमांड अस्वीकार करते हुए विवेचक के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मामले की रिपोर्ट चिनहट थाने में दर्ज हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed