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रामसनेहीघाट मस्जिद मामले में अदालत ने एसडीएम को दी क्लीन चिट, थाना प्रभारी को नोटिस
Sat, 03 Jul 2021 12:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा
लखनऊ, एजेंसी
लखनऊ, एजेंसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 03 Jul 2021 12:34 AM IST
सार
यह आदेश न्यायमूर्ति रवि नाथ तिलहरी की एकल पीठ ने लखनऊ की टीले वाली मस्जिद के सह मुतवल्ली वसीफ हसन एवं ढहाई गयी मस्जिद में नमाज अदा करने वाले एक अन्य याची की ओर से दाखिल अवमानना अर्जी पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई करते हुए 30 जून को पारित किया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने मस्जिद विध्वंस मामले में बाराबंकी के रामसनेहीघाट के तत्कालीन उप जिलाधिकारी (एसडीएम) दिव्यांशु पटेल को क्लीन चिट दे दी है। हालांकि अदालत ने रामसनेहीघाट थाना प्रभारी सच्चिदानंद राय को अदालत के आदेश का उल्लंघन करने का दोषी पाया और उन्हें अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया। इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 22 जुलाई तय की है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति रवि नाथ तिलहरी की एकल पीठ ने लखनऊ की टीले वाली मस्जिद के सह मुतवल्ली वसीफ हसन एवं ढहाई गयी मस्जिद में नमाज अदा करने वाले एक अन्य याची की ओर से दाखिल अवमानना अर्जी पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई करते हुए 30 जून को पारित किया और उसकी प्रति शुक्रवार को उच्च न्यायालय के वेबसाइट पर अपलोड की गई।
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याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखते हुए उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोविड की भयावहता को देखते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर 24 अप्रैल 2021 सभी अदालतों एवं न्यायाधिकरणों को निर्देश दिया था कि जिन मामलों में किसी निर्माण को गिराने का आदेश दिया गया है उस पर 31मई 2021 तक अमल न करें । सिब्बल ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद एसडीएम एवं एसएचओ ने 17 मई 2021 को मस्जिद ढहा दिया। सिब्बल ने कहा कि यह अदालती आदेश का उल्लंघन है अतः अवमानना कर्ता एसडीएम व एसएचओ को तलब कर दंडित किया जाये।
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याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने पाया कि एसडीएम ने मस्जिद के खिलाफ तीन अप्रैल 2021 का आदेश जारी किया था जबकि याची के अधिवक्ता सिब्बल 24 अप्रैल 2021 के आदेश की अवहेलना की बात कर रहे हैं, ऐसे मे एसडीएम के खिलाफ अवमानना का प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता है अतः उन्हें नोटिस जारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
अपने आदेश में अदालत ने लिखा कि चूंकि तीन अप्रैल 2021 के एसडीएम के आदेश का अनुपालन 17 मई 2021 को करने की बात सामने आ रही है अतः प्रथम दृष्टया राम सनेही घाट एसएचओ के खिलाफ अवमानना का मामला बनता है । तत्पश्चात अदालत ने एसएचओ को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया। अवमानना का दोषी करार देते हुए उन्हें अवमानना नोटिस जारी कर अधिवक्ता के जरिये अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।