सरकार बताए, क्यों नहीं हुआ दरोगा भर्ती परीक्षा में चयन : हाईकोर्ट
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हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने दरोगा भर्ती (महिला) परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों को असफल घोषित किए जाने पर राज्य सरकार से पूछा है कि किस आधार पर उनका चयन नहीं किया गया। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने यह आदेश स्तुति सिंह व अन्य की याचिका पर दिए।
याचिका में कहा गया कि याची व अन्य को 28 फरवरी 2019 को घोषित दरोगा भर्ती परिणाम में असफल घोषित कर दिया गया। याचियों की दलील थी कि वे परीक्षा के हर चरण में सफल रहीं, फिर भी उन्हें बगैर किसी वाजिब कारण के असफल ठहरा दिया गया।
विभाग में रिक्तियां हैं, फिर भी उनका चयन नहीं किया गया। याचियों ने इस बाबत सक्षम प्राधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए जाने का आग्रह किया है।
कोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य स्थायी अधिवक्ता को दिए निर्देश
कोर्ट ने पक्षों की सुनवाई के बाद अतिरिक्त मुख्य स्थायी अधिवक्ता को निर्देश दिए कि वे जवाबी हलफनामा दाखिल कर बताएं कि परीक्षा के हर चरण में उत्तीर्ण होने के बाद भी याचियों को किस कारण से असफल घोषित किया गया।
हलफनामे में यह भी बताना होगा कि क्या विभाग में रिक्तियां हैं और क्या इन पर नियम कानून के तहत भर्ती की जा सकती है। मामले की अगली सुनवाई 16 अगस्त को होगी।