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Lucknow News: केजीएमयू के टीजी हॉस्टल की लिफ्ट में एक घंटे फंसे रहे दंपति
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केजीएमयू।
लखनऊ। केजीएमयू के टीजी हॉस्टल नर्सिंग की बिल्डिंग की लिफ्ट सोमवार को अचानक खराब हो जाने से उसके अंदर दंपती एक घंटे से अधिक समय तक फंसे रहे। दंपती अपना मोबाइल भी घर पर छोड़ आए थे। इससे वह किसी को सूचना भी नहीं दे सके। जब लिफ्ट खुली तो दोनों लगभग बेहोशी की हालत में पहुंच चुके थे। पसीने से तरबतर, सांस लेने में दिक्कत की वजह से दम घुटता जा रहा था। किसी तरह से लिफ्ट के चलने पर दंपती बाहर निकले और उनकी जान बच सकी। पीड़ित ने कुलसचिव से शिकायत दर्ज कराई है।
केजीएमयू के कुलसचिव कैंप कार्यालय में पीआरओ राजेश कुमार सिंह के मुताबिक, वह पत्नी शीला सिंह के साथ सुबह टहलने गए थे। लौटने पर वह टीजी हॉस्टल नर्सिंग बिल्डिंग की लिफ्ट में चढ़े। लिफ्ट ऊपर जाते ही बीच में अचानक फंस गई। दंपती का आरोप है कि उन्होंने काफी शोर मचाया, लेकिन कोई मदद को नहीं मिली। लिफ्ट बंद होने और पंखा न चलने से वेंटिलेशन ठप हो गया। अंदर भयानक गर्मी और घुटन होने लगी। अत्यधिक गर्मी और घबराहट की वजह से वे पसीने से तरबतर हो गए।
उन्होंने कहा कि करीब 10 से 15 मिनट लिफ्ट न खुलती तो उनकी जान भी जा सकती थी। राजेश ने कुलसचिव से लिखित शिकायत कर लिफ्ट की मरम्मत करने या बदलने की मांग की है। राजेश का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। हॉस्टल में रहने वाले कई अन्य रेजिडेंट डॉक्टरों और कर्मचारी भी आए दिन लिफ्ट में फंस चुके हैं। लिफ्ट अक्सर तकनीकी खराबी के कारण रुक जाती है, जिससे यहां रहने वाले लोगों की जान का जोखिम बना रहता है। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के मुताबिक, संबंधित विभाग के इंजीनियरों को लिफ्ट मरम्मत के निर्देश दिए हैं।
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एक ही महीने में यह तीसरी घटना
आठ मई को केजीएमयू शताब्दी फेज 2 में लगी डॉक्टर्स की लिफ्ट में कर्मचारी 10 मिनट तक फंसे रहे थे। इसके बाद 10 मई को शताब्दी फेज 2 में मरीजों की लिफ्ट में तीमारदार आधे घंटे फंसे रहे थे। अब टीजी हॉस्टल की लिफ्ट खराब हुई है।
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केजीएमयू के कुलसचिव कैंप कार्यालय में पीआरओ राजेश कुमार सिंह के मुताबिक, वह पत्नी शीला सिंह के साथ सुबह टहलने गए थे। लौटने पर वह टीजी हॉस्टल नर्सिंग बिल्डिंग की लिफ्ट में चढ़े। लिफ्ट ऊपर जाते ही बीच में अचानक फंस गई। दंपती का आरोप है कि उन्होंने काफी शोर मचाया, लेकिन कोई मदद को नहीं मिली। लिफ्ट बंद होने और पंखा न चलने से वेंटिलेशन ठप हो गया। अंदर भयानक गर्मी और घुटन होने लगी। अत्यधिक गर्मी और घबराहट की वजह से वे पसीने से तरबतर हो गए।
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उन्होंने कहा कि करीब 10 से 15 मिनट लिफ्ट न खुलती तो उनकी जान भी जा सकती थी। राजेश ने कुलसचिव से लिखित शिकायत कर लिफ्ट की मरम्मत करने या बदलने की मांग की है। राजेश का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। हॉस्टल में रहने वाले कई अन्य रेजिडेंट डॉक्टरों और कर्मचारी भी आए दिन लिफ्ट में फंस चुके हैं। लिफ्ट अक्सर तकनीकी खराबी के कारण रुक जाती है, जिससे यहां रहने वाले लोगों की जान का जोखिम बना रहता है। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के मुताबिक, संबंधित विभाग के इंजीनियरों को लिफ्ट मरम्मत के निर्देश दिए हैं।
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एक ही महीने में यह तीसरी घटना
आठ मई को केजीएमयू शताब्दी फेज 2 में लगी डॉक्टर्स की लिफ्ट में कर्मचारी 10 मिनट तक फंसे रहे थे। इसके बाद 10 मई को शताब्दी फेज 2 में मरीजों की लिफ्ट में तीमारदार आधे घंटे फंसे रहे थे। अब टीजी हॉस्टल की लिफ्ट खराब हुई है।