फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Could not decide on Lokayukta's recommendation even in two years, CBI inquiry was recommended

लोकायुक्त की सिफारिश पर दो साल में भी नहीं हो सका फैसला, सीबीआई जांच की हुई थी सिफारिश

Fri, 05 Mar 2021 12:02 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 05 Mar 2021 12:02 PM IST
विज्ञापन
Could not decide on Lokayukta's recommendation even in two years, CBI inquiry was recommended
सीबीआई - फोटो : ani
बलरामपुर के सोहलवा वन्यजीव प्रभाग में 2017 में हुए अवैध कटान के मामले में लोकायुक्त की सिफारिश पर दो साल बाद भी फैसला नहीं हो सका। लोकायुक्त ने 2018 में इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी।
विज्ञापन


विधानसभा और विधान परिषद में पेश की गई लोकायुक्त की 2018 की रिपोर्ट में बताया गया है कि 12 करोड़ रुपये की खेर की लकड़ी के अवैध कटान के मामले में पूर्व प्रमुख सचिव वन संजीव सरन और पूर्व वन संरक्षक रूपक डे, तत्कालीन प्रमुख वन संरक्षक कुरूविला थामस और तत्कालीन वनाधिकारी करन गौतम के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं। इनकी जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। 
विज्ञापन


वहीं संजीव सरन और रूपक डे दोनों ही रिटायर हो चुके हैं। एक अन्य मामले में गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ भी जांच की सिफारिश लोकायुक्त ने की थी। इस मामले में सरकार ने विजिलेंस को जांच सौंप दी थी। लेकिन, अवैध लकड़ी कटान के मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed