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भर्ती में भ्रष्टाचार: फर्जीवाड़ा कर एक्सरे टेक्नीशियन बनने वालों पर दर्ज होगी एफआईआर, रिपोर्ट के बाद एक्शन
Sun, 07 Sep 2025 07:38 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 07 Sep 2025 07:38 PM IST
सार
एक्सरे टेक्नीशियन भर्ती में हुए फर्जीवाड़े महानिदेशालय की जांच रिपोर्ट के बाद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इस संबंध में रविवार को पत्रावलियां जमा करवा ली गई हैं।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
एक्सरे टेक्नीशियन भर्ती में हुए फर्जीवाड़े की परत दर परत खुलने लगी हैं। अब फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी है। रविवार को स्वास्थ्य महानिदेशालय खोला गया। विभिन्न जिलों से आए मुख्य चिकित्साधिकारियों ने अपने जिलों में तैनात होने वाले एक्सरे टेक्नीशियन से संबंधित पत्रावलियां जमा कीं। फर्जीवाड़े पर कहां- कहां चूक की आशंका है, इस पर सीएमओ की राय भी ली गई।
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प्रदेश में वर्ष 2016 में 403 एक्सरे टेक्नीशियन की फर्जी में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ है। पूरे मामले में महानिदेशालय से लेकर संबंधित जिले के मुख्य चिकित्साधिकारियों कार्यालय तक की भूमिका संदिग्ध है। जांच हुई तो एक्सरे टेक्नीशियन के कार्यभार ग्रहण करते वक्त जिलों में तैनात रहे तत्कालीन मुख्य चिकित्साधिकारी भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। यही वजह है कि निदेशक (पैरामेडिकल) की अध्यक्षता में गठित हुई जांच कमेटी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।
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रविवार को महानिदेशालय खोला गया। अर्पित के नाम पर छह जिलों में एक्सरे टेक्नीशियन ने कार्यभार ग्रहण किया था। ऐसे में हाथरस, रामपुर, फर्रुखाबाद, बदायूं, बलरामपुर और बांदा के मुख्य चिकित्साधिकारी महानिदेशालय पहुंचे। उन्होंने निदेशक (पैरामेडिकल) को संबंधित एक्सरे टेक्नीशियन के मामले में पत्रावलियां सौंपी। अब तक की जांच में मिले तथ्यों के बारे में अवगत कराया। निदेशक (पैरामेडिकल) ने नियुक्ति में हुई चूक की संभावनाओं के बारे में भी सीएमओ से राय ली।
सूत्रों के मुताबिक सीएमओ ने अपनी रिपोर्ट में अवगत कराया है कि जैसे ही जांच प्रक्रिया शुरू हुई, हाथरस को छोड़कर अन्य पांच एक्सरे टेक्नीशियन गायब हो गए हैं। इनके नाम अलग- अलग हैं। इनके आधार कार्ड, मार्कशीट और यूपी मेडिकल फैकल्टी में हुआ पंजीयन भी जाली है। ऐसे में जांच में लगी टीम अब सीएमओ से मिले दस्तावेजों का महानिदशालय में मौजूद दस्तावेज से मिलान करेगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट तैयार होगी। फिर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
अन्य जिलों में भी शुरू होगी जांच
अर्पित बनकर नौकरी पाने वाले पांच जिलों के एक्सरे टेक्नीशियन के मामले में अभी जांच पूरी नहीं हो पाई है कि अंकुर और अंकित नाम से भी नए मामले सामने आ गए हैं। रविवार के अंक में अमर उजाला ने अर्पित के अलावा इन दोनों नाम से नौकरी पाने वाले एक्सरे टेक्नीशियन के बारे में भी खुलासा किया है। खबर छपने के बाद अब महानिदेशक ने मैनपुरी, मुजफ्फरनगर, हरदोई, लखीमपुर, गोंडा, बदायूं, आजमगढ़ और ललितपुर के सीएमओ से भी रिपोर्ट मांगी है।