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महामारी में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए गरम पानी पीएं, प्राणायाम करें, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के प्रमुख सुझाव
Wed, 22 Apr 2020 09:13 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 22 Apr 2020 09:13 AM IST
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फाइल फोटो
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मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने लोगों से कोविड-19 के संकट के दौरान स्वयं की देखभाल व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय की ओर से बताए गए उपायों को अपनाने की सलाह दी है।
उन्होंने समस्त मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को इन उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का भी निर्देश दिया है। मुख्य सचिव ने कहा है कि कोविड-19 की कोई दवा अभी तक नहीं बनी है। ऐसे में शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक प्रणाली की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने अफसरों को जारी पत्र में कहा है कि आयु व स्वास्थ्य से जुड़ा विज्ञान होने के साथ ही आयुर्वेद प्राकृतिक साधनों के प्रयोग पर बल देता है। रोगों से बचाव का आयुर्वेदिक पक्ष मुख्यत: दिनचर्या एवं ऋतुचर्या पर आधारित है।
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उन्होंने समस्त मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को इन उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का भी निर्देश दिया है। मुख्य सचिव ने कहा है कि कोविड-19 की कोई दवा अभी तक नहीं बनी है। ऐसे में शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक प्रणाली की भूमिका महत्वपूर्ण है।
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उन्होंने अफसरों को जारी पत्र में कहा है कि आयु व स्वास्थ्य से जुड़ा विज्ञान होने के साथ ही आयुर्वेद प्राकृतिक साधनों के प्रयोग पर बल देता है। रोगों से बचाव का आयुर्वेदिक पक्ष मुख्यत: दिनचर्या एवं ऋतुचर्या पर आधारित है।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के प्रमुख सुझाव
सामान्य उपाय
आयुर्वेदिक उपाय
सामान्य आयुर्वेदिक उपाय
- पूरे दिन केवल गरम पानी पिएं।
- प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान करें।
- हल्दी, जीरा, धनिया एवं लहसुन आदि मसालों का भोजन बनाने में प्रयोग करें।
आयुर्वेदिक उपाय
- च्वयनप्राश 10 ग्राम (एक चम्मच) सुबह लें। मधुमेह के रोगी शुगर फ्री च्वयनप्राश लें।
- तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सोंठ (सूखी अदरख) एवं मुनक्का से बनी हर्बल टी/काढ़ा दिन में एक से दो बार पिएं। स्वादानुसार इसमें गुड़ या ताजा नींबू मिला सकते हैं।
- गोल्डन मिल्क- 150 मिली गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी चूर्ण दिन में एक से दो बार लें।
सामान्य आयुर्वेदिक उपाय
- नित्य सुबह व शाम तिल/नारियल का तेल या घी नाक के दोनों छिद्रों में लगाएं।
- 1 चम्मच तिल/नारियल तेल को लेकर दो से तीन मिनट तक कुल्ले की तरह मुंह में घुमाएं। उसके बाद उसे थूक दें, फिर गरम पानी से कुल्ला करें।
- खांसी/गले में खरास के लिए दिन में एक बार कम से कम पुदीने के पत्ते/अजवाइन डालकर पानी की भांप लें।
- खांसी या गले में खरास होने पर लौंग के चूर्ण में गुड़ या शहद मिलाकर दिन में दो या तीन बार लें।
- ये उपाय सामान्य सूखी खांसी के लिए लाभदायक हैं। लेकिन, अगर लक्षण बने रहते हैं, तो डाक्टर से परामर्श लें।