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कोरोना पॉजिटिव युवक की मल्टी ऑगर्न फेल्योर से मौत, केजीएमयू में था भर्ती
Thu, 04 Jun 2020 01:25 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 04 Jun 2020 01:25 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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केजीएमयू के कोरोना वार्ड में भर्ती बलरामपुर निवासी तीस वर्षीय युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सप्ताह भर पहले ही मुंबई से लौटा था। सूखी खांसी, बुखार और सांस लेने में दिक्कत की वजह से उसे 27 मई को केजीएमयू में भर्ती कराया गया था। किडनी, फेफड़े सहित शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई।
कई अंगों के काम नहीं करने से युवक की मौत हो गई। बलरामपुर जिले के बोरिहार निवासी युवक की केजीएमयू लाए जाने पर ट्रॉमा सेंटर में जांच हुई तो उसमें कोरोना की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे कोरोना वार्ड में भर्ती कर लिया गया था।
केजीएमयू के मीडिया प्रभारी डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि मरीज जब आया तो उसके फेफड़े के साथ ही किडनी में भी संक्रमण था। समस्या ज्यादा होने की वजह से उसे शुरू से ही सघन चिकित्सा में रखा गया। लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी मंगलवार को उसके कई अहम अंगों ने काम करना बंद कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई।
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कई अंगों के काम नहीं करने से युवक की मौत हो गई। बलरामपुर जिले के बोरिहार निवासी युवक की केजीएमयू लाए जाने पर ट्रॉमा सेंटर में जांच हुई तो उसमें कोरोना की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे कोरोना वार्ड में भर्ती कर लिया गया था।
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केजीएमयू के मीडिया प्रभारी डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि मरीज जब आया तो उसके फेफड़े के साथ ही किडनी में भी संक्रमण था। समस्या ज्यादा होने की वजह से उसे शुरू से ही सघन चिकित्सा में रखा गया। लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी मंगलवार को उसके कई अहम अंगों ने काम करना बंद कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई।
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क्वारंटीन में रहेंगे परिजन
रोगी के परिजनों को अंतिम संस्कार की गाइडलाइंस की जानकारी दे दी गई है। उनको समझ सकने वाली भाषा में पूरा विवरण दिया गया। काउंसलिंग की गई और बताया गया कि 14 दिन तक घर में रहें। किसी भी प्रकार के लक्षण आने पर उन्हें तुरंत चिकित्सा विश्वविद्यालय में संपर्क करने के लिए कहा गया है।
राजधानी में अब तक 10 की मौत, इनमें 4 लखनऊ के
राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में अब तक कुल 10 लोगों की मौत हुई है। इनमें कुछ पहले से पॉजिटिव थे तो कुछ की जानकारी मौत के बाद हुई। 6 मरीज अन्य जिलों के हैं जबकि चार लखनऊ के मूल निवासी हैं। इसमें पहली मौत नजीराबाद निवासी 65 साल के बुजुर्ग की 15 अप्रैल को हुई थी।
इसके बाद 19 अप्रैल को मौलवीगंज निवासी 52 वर्षीय शख्स की मौत हुई। इसी तरह 26 मई को फूलबाग तो 29 मई को गोलागंज निवासी महिला की मौत हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी इन दोनों मौत का ऑडिट किया जाना बाकी है।
निजी अस्पतालों के स्टाफ को किया होम क्वारंटीन
डिप्टी सीएमओ अनूप श्रीवास्तव के मुताबिक, सीएमओ के आदेश पर पांचों निजी अस्पतालों में संक्रमितों के संपर्क में आए डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की सूची मांगी गई है। सैंपल जांच को भेजे जाएंगे। बंद होने वाले अस्पतालों में आईटी चौराहे स्थित विवेकानंद हॉस्पिटल, एपीसेन रोड स्थित निजी हॉस्पिटल, निशातगंज का फातिमा हॉस्पिटल, अवध हॉस्पिटल व राधा स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल हैं।
राजधानी में अब तक 10 की मौत, इनमें 4 लखनऊ के
राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में अब तक कुल 10 लोगों की मौत हुई है। इनमें कुछ पहले से पॉजिटिव थे तो कुछ की जानकारी मौत के बाद हुई। 6 मरीज अन्य जिलों के हैं जबकि चार लखनऊ के मूल निवासी हैं। इसमें पहली मौत नजीराबाद निवासी 65 साल के बुजुर्ग की 15 अप्रैल को हुई थी।
इसके बाद 19 अप्रैल को मौलवीगंज निवासी 52 वर्षीय शख्स की मौत हुई। इसी तरह 26 मई को फूलबाग तो 29 मई को गोलागंज निवासी महिला की मौत हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी इन दोनों मौत का ऑडिट किया जाना बाकी है।
निजी अस्पतालों के स्टाफ को किया होम क्वारंटीन
डिप्टी सीएमओ अनूप श्रीवास्तव के मुताबिक, सीएमओ के आदेश पर पांचों निजी अस्पतालों में संक्रमितों के संपर्क में आए डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की सूची मांगी गई है। सैंपल जांच को भेजे जाएंगे। बंद होने वाले अस्पतालों में आईटी चौराहे स्थित विवेकानंद हॉस्पिटल, एपीसेन रोड स्थित निजी हॉस्पिटल, निशातगंज का फातिमा हॉस्पिटल, अवध हॉस्पिटल व राधा स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल हैं।