दावा: कोरोना मरीजों को राहत पहुंचा रहा सोंठ, पिपली का काढ़ा
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कोरोना संकट के बीच लोकबंधु राज नारायण संयुक्त चिकित्सालय के डॉक्टरों ने आयुर्वेदिक काढ़ा तैयार किया है। दावा है कि 30 कोरोना मरीजों के इलाज में यह बेहतर साबित हुआ है। हालांकि, अभी इस पर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की मुहर नहीं लगी है। अस्पताल प्रशासन इसे रिपोर्ट भेजेगा।
अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी का कहना है कि परीक्षण में 90 रोगियों को शामिल किया गया। इन्हें 30-30 के तीन समूहों में बांटा गया। इनमें से पहले समूह के 30 मरीजों को तैयार किया गया आयुर्वेदिक काढ़ा दिया गया। वहीं, दूसरे समूह के मरीजों को आयुर्वेदिक दवाएं संशमनी वटी व तीसरे समूह के मरीजों को पैरासिटामॉल, बी कॉप्लेक्स समेत अन्य एलोपैथिक दवाइयां दी गईं।
यह दिखा असर
डॉ. रईस ने बताया कि ट्रायल में कोई भी गंभीर मरीज नहीं रखा गया। पहले समूह के 28 मरीजों की पांच दिन में ही रिपोर्ट निगेटिव आ गई। दूसरे के 26 मरीजों की पांच दिन में रिपोर्ट निगेटिव आई तो तीसरे समूह के 17 मरीजों की रिपोर्ट पांच दिन में निगेटिव आई। इसके बचे मरीजों की रिपोर्ट 10 से 14 दिन में निगेटिव आई। परिणाम बेहतर आने के बाद 30 अन्य रोगियों पर ट्रायल होगा।
खुद ही बना रहे काढ़ा
डॉ. रईस ने बताया कि आयुष मंत्रालय की ओर से दिए जाने वाले काढ़े को मरीजों पर प्रयोग नहीं किया गया। अस्पताल में कटकारी, सोंठ, गिलोय, पिपली समेत अन्य जड़ी-बूटी मिलाकर काढ़ा तैयार किया जा रहा है।
शोध की ली गई थी स्वीकृति
निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि इस शोध के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उप्र. ने फंड भी दिया था। वहीं, शोध के लिए सीटीआरआई से स्वीकृति ली गई थी। सीसीआरएएस के दिशा-निर्देश के अनुसार ही मरीजों के लक्षणों का दवा के प्रयोग से पहले और बाद में आकलन किया गया।