खांसी को न करें इग्नोर, खराब हो सकते हैं फेफड़े
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सिगरेट पीते हैं और ठंड में सुबह खांसी आती हो तो ये सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) के लक्षण हैं।
कफ के साथ खांसी, थोड़ा सा भी तेज चलने व सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलना भी इसी बीमारी के वजह से हो सकता है।
सीओपीडी से फेफड़े पूरी तरह से खराब हो जाते हैं।
सिगरेट पीने, चूल्हे में खाना बनाने वाली महिलाओं, ट्रैफिक सिपाहियों, पेट्रोल पंप कर्मियों और हलवाइयों को ये बीमारी ज्यादा होती है।
विश्व सीओपीडी दिवस के मौके पर केजीएमयू के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. सूर्यकांत ने मंगलवार को एक स्थानीय होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी।
जानें क्या हैं रिस्क फैक्टर
डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि सर्दी की शुरुआत में सीओपीडी दिवस मनाने का कारण यही है कि ये बीमारी इस मौसम में अधिक परेशान करती है।
यदि सही इलाज नहीं मिला तो फिर जिंदगी भर खांसते हुए सांस फूलने की दिक्कत बनी रहती है। जो आगे चलकर जानलेवा साबित होती है।
उन्होंने बताया कि अस्थमा पैदाइश के समय से होने वाली बीमारी है। जबकि सीओपीडी बीमारी हमारी लापरवाही से होती है। जिसमें सांस की नलियां सिकुड़ जाती हैं। धूम्रपान, चूल्हे का धुआं, धूल, प्रदूषण ये रिस्क फैक्टर हैं।
डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि सीओपीडी का प्रभावी इलाज इन्हेलर से संभव है। इन्हेलर से दवा की कम डोज बिना साइड इफेक्ट के फेफड़ों में जाती है।