फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Convocation of AKTU: Padma Shri Prof. Dhande's call to teachers, take classes in schools also, reduce distance between professor, school, college and university

एकेटीयू का दीक्षांत समारोह : पद्मश्री प्रो. धांडे का शिक्षकों से आह्वान, स्कूलों में भी क्लास लें प्रोफेसर, स्कूल, कॉलेज व विवि के बीच कम करें दूरी

Thu, 16 Dec 2021 07:24 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 16 Dec 2021 07:24 PM IST
सार

आईआईटी कानपुर के पूर्व निदेशक पद्मश्री प्रो. एसजी धांडे ने कहा कि स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी के बीच की दूरी कम की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं भी स्कूल में क्लास लेता था और फिजिक्स के विशेषज्ञ प्रो. फेनिमन भी स्कूल में पढ़ाते थे। यहां के कुलपति को भी इस दिशा में पहल करनी चाहिए।

विज्ञापन
Convocation of AKTU: Padma Shri Prof. Dhande's call to teachers, take classes in schools also, reduce distance between professor, school, college and university
एकेटीयू के दीक्षांत समारोह के बाद छात्रों के साथ ग्रुप फोटो में राज्यपाल आनंदीबेन पेटल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आईआईटी कानपुर के पूर्व निदेशक पद्मश्री प्रो. एसजी धांडे ने प्राथमिक व उच्च शिक्षा में समन्वय की बात कही है। उन्होंने कहा है कि हर विश्वविद्यालय-कॉलेजों के शिक्षकों को कुछ समय अपने पास के स्कूल में पढ़ाना चाहिए। इसका बहुत असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी के बीच की दूरी कम की जानी चाहिए। वे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि मैं भी स्कूल में क्लास लेता था और फिजिक्स के विशेषज्ञ प्रो. फेनिमन भी स्कूल में पढ़ाते थे। यहां के कुलपति को भी इस दिशा में पहल करनी चाहिए। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले मेधावियों से कहा कि आज से आप एक नए विश्वविद्यालय में प्रवेश कर रहे हैं। जहां जीवन भर सीखना (लाइफ लांग लर्निंग) होगा। यह वह जगह है जहां कोई परीक्षा नहीं है, कोई अंक नहीं है, कोई प्रमाण पत्र नहीं है। किंतु यहां सभी छात्र अनुभवों से सीखेंगे।
विज्ञापन


प्रो. धांडे ने कहा कि कोविड के बाद काफी बदलाव हुए हैं। इस बदलते दौर में कुछ कौशल अप्रचलित हो जाते हैं और कुछ कौशल नए हो जाते हैं। अपने दम पर नए कौशल पाना ही वास्तविक कौशल है। जिसकी आज दुनिया को जरूरत है। उन्होंने एकलव्य का उदाहरण देते हुए कहा कि आज ‘डिजिटल एकलव्य’ की जरूरी है। ऐसे व्यक्ति में सीखने की भूख, अनुशासन, अभ्यास, अनुभव जरूरी है। अभ्यास मनुष्य को संपूर्ण बनाता है। अनुभव जीवन का एक महान शिक्षक है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति कौशल और मूल्यों,दोनों पहलुओं पर जोर देती है। विवि को छात्रों को एक विषय में मेजर और माइनर के विकल्प देने चाहिए। क्योंकि बाजार की ताकतों के आधार पर किसी एक शाखा में जाने की सनक को कम करना जरूरी है। शिक्षा को व्यापक व मूल्य आधारित बनाना चाहिए। विद्यार्थी को बहु विषयक के साथ-साथ जीवन भर सीखने वाले बने रहना जरूरी है।

प्रो. धांडे ने कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विवि, कॉलेज व स्कूलों को एक साथ लाने, आंगनबाड़ी केंद्रों को समृद्ध करने व लड़कियों की शिक्षा के लिए सराहनीय काम किया है। साथ ही एकेटीयू के वर्तमान व पूर्व कुलपति को एकेटीयू को प्रदेश की बेस्ट यूनिवर्सिटी बनाने के लिए भी बधाई दी। समारोह में प्रो. एसजी धांडे को डीएससी की मानद उपाधि भी दी गई। समारोह में कुलपति प्रो. विनीत कंसल, रजिस्ट्रार नंदलाल सिंह, प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा अमृत अभिजात व सचिव प्राविधिक शिक्षा आलोक कुमार मंचासीन रहें।

राशि को चांसलर, शीलू को कमल रानी मेडल
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पीएसआईटी कानपुर की राशि माथुर को चांसलर गोल्ड मेडल व एसआर इंस्टीट्यूट ऑफ़  मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी की छात्रा शीलू गौतम को स्व. कमल रानी मेमोरियल पदक दिया। दीक्षांत समारोह में 53,226 विद्यार्थियों को उपाधि व 92 मेधावियों को स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक प्रदान किए गए। समारोह में 91 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। इस साल पहली बार परास्नातक पाठ्यक्रमों (एमटेक, एमफार्मा, एमआर्क) में भी मेडल की शुरुआत हुई।


डॉ. सौरभ को डीएससी की उपाधि
दीक्षांत समारोह में डीएससी की पहली उपाधि डॉ. सौरभ गुप्ता को दी गई। जिन्होंने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में अपना कार्य पूरा किया। वर्तमान में वे गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं। वहीं विश्वविद्यालय के विशिष्ट भूतपूर्व छात्र का पुरस्कार अंकित महेश्वरी को दिया गया। जिन्होंने 2010 में अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिंग कॉलेज से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक किया था। वर्तमान में अमेरिका में हैं। उनकी मां कमल महेश्वरी ने राज्यपाल से उपाधि प्राप्त की।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed