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यूपीः सवारी न मिलने से जुर्माना भरने को मजबूर संविदा ड्राइवर-कंडक्टर
Wed, 08 Jul 2020 01:10 PM IST
ishwar ashish
नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ
नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 08 Jul 2020 01:10 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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केस-1
मऊ डिपो के इंचार्ज एआरएम पर मौखिक आदेश देकर कम इनकम लाने वाले संविदा ड्राइवर और कंडक्टर से प्रति ट्रिप 500-500 का जुर्माना वसूलने का आरोप है। ड्राइवर और कंडक्टर को यह जुर्माना इनकम की रकम जमा करने के दौरान ही भरने के आदेश दिए गए हैं।
केस-2
आगरा के एक डिपो के एआरएम ने इंचार्ज को आदेश दिए हैं कि इनकम कम लाने वाले जो संविदा ड्राइवर-कंडक्टर 500-500 रुपये का जुर्माना न भरे तो उनकी बर्खास्तगी के लिए रिपोर्ट भेजें। सूत्रों के मुताबिक यह जुर्माना मुख्यालय के आदेश की आड़ में वसूला जा रहा है।
परिवहन निगम जहां सैकड़ों नियमित ड्राइवरों व कंडक्टरों को बिना बस संचालन के ही वेतन दे रहा है, वहीं संविदा ड्राइवर-कंडक्टर बस का संचालन करके इनकम दे रहे हैं, फिर भी डिपो के एआरएम स्तर पर उनके उत्पीड़न के मामले सामने आ रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि डिपो के एआरएम संविदा चालकों व परिचालकों की नौकरी लेने पर आमादा हैं।
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एआरएम ऐसे संविदा ड्राइवर-कंडक्टर से इनकम कम लाने पर 500-500 रुपये तक हर ट्रिप पर जुर्माना वसूल रहे हैं। जबकि कोरोना की वजह से सवारियां घर से नहीं निकल रही हैं। संविदा चालक परिचालक संघर्ष यूनियन के संयोजक मो. जमाल ने बताया यह उत्पीड़न आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, वाराणसी और आगरा में सामने आया है।
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मऊ डिपो के इंचार्ज एआरएम पर मौखिक आदेश देकर कम इनकम लाने वाले संविदा ड्राइवर और कंडक्टर से प्रति ट्रिप 500-500 का जुर्माना वसूलने का आरोप है। ड्राइवर और कंडक्टर को यह जुर्माना इनकम की रकम जमा करने के दौरान ही भरने के आदेश दिए गए हैं।
केस-2
आगरा के एक डिपो के एआरएम ने इंचार्ज को आदेश दिए हैं कि इनकम कम लाने वाले जो संविदा ड्राइवर-कंडक्टर 500-500 रुपये का जुर्माना न भरे तो उनकी बर्खास्तगी के लिए रिपोर्ट भेजें। सूत्रों के मुताबिक यह जुर्माना मुख्यालय के आदेश की आड़ में वसूला जा रहा है।
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परिवहन निगम जहां सैकड़ों नियमित ड्राइवरों व कंडक्टरों को बिना बस संचालन के ही वेतन दे रहा है, वहीं संविदा ड्राइवर-कंडक्टर बस का संचालन करके इनकम दे रहे हैं, फिर भी डिपो के एआरएम स्तर पर उनके उत्पीड़न के मामले सामने आ रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि डिपो के एआरएम संविदा चालकों व परिचालकों की नौकरी लेने पर आमादा हैं।
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एआरएम ऐसे संविदा ड्राइवर-कंडक्टर से इनकम कम लाने पर 500-500 रुपये तक हर ट्रिप पर जुर्माना वसूल रहे हैं। जबकि कोरोना की वजह से सवारियां घर से नहीं निकल रही हैं। संविदा चालक परिचालक संघर्ष यूनियन के संयोजक मो. जमाल ने बताया यह उत्पीड़न आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, वाराणसी और आगरा में सामने आया है।
सीजीएम ने एआरएम और आरएम को लगाई फटकार
ड्राइवर-कंडक्टर ड्यूटी से जब लौटते हैं तो उनसे जुर्माना जमा कराने के बाद ही डिपो से जाने दिया जाता है। जुर्माना नहीं भरने पर बर्खास्त करने की रिपोर्ट भेजने की धमकी दी जाती है। संविदा चालक एवं परिचालक संघर्ष यूनियन के प्रदेश महामंत्री कन्हैया पांडेय ने बताया कि संविदा ड्राइवर और कंडक्टर को मिलने वाला 7000 का प्रोत्साहन भत्ता भी खत्म कर दिया गया है। इससे वे 17000 के फिक्स वेतन की जगह सिर्फ 10000 रुपये ही पा रहे हैं।
प्रबंध निदेशक ने संचालन इकाई के सीजीएम अतुल भारती से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी तो उन्होंने मऊ, आगरा, जौनपुर सहित कई एआरएम और आरएम से मोबाइल पर बात की और मनमाने तरीके से जुर्माना वसूले जाने पर फटकार लगाई। उन्होंने आरएम से एआरएम और डिपो इंचार्ज की रिपोर्ट मांगी है।
दोषियों पर कार्रवाई होगी
प्रदेश में जिन-जिन एआरएम ने मनमाने तरीके से संविदा ड्राइवर और कंडक्टर से जुर्माना वसूला है उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। ऐसे दोषियों के कारनामों के सुबूत (जुर्माना रसीद) मुझे मिल चुके हैं। - राजशेखर, प्रबंध निदेशक, उप्र. राज्य सड़क परिवहन निगम
प्रबंध निदेशक ने संचालन इकाई के सीजीएम अतुल भारती से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी तो उन्होंने मऊ, आगरा, जौनपुर सहित कई एआरएम और आरएम से मोबाइल पर बात की और मनमाने तरीके से जुर्माना वसूले जाने पर फटकार लगाई। उन्होंने आरएम से एआरएम और डिपो इंचार्ज की रिपोर्ट मांगी है।
दोषियों पर कार्रवाई होगी
प्रदेश में जिन-जिन एआरएम ने मनमाने तरीके से संविदा ड्राइवर और कंडक्टर से जुर्माना वसूला है उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। ऐसे दोषियों के कारनामों के सुबूत (जुर्माना रसीद) मुझे मिल चुके हैं। - राजशेखर, प्रबंध निदेशक, उप्र. राज्य सड़क परिवहन निगम