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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   contractor syndicate active in lda

LDA: ठेके बेचकर कमीशन खा रहे रसूखदार

Sun, 01 Dec 2013 02:20 AM IST
ऋषि मिश्र/लखनऊ
ऋषि मिश्र/लखनऊ Updated Sun, 01 Dec 2013 02:20 AM IST
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contractor syndicate active in lda

एलडीए में ठेके भी बेचे जा रहे हैं। जिस ठेकेदार को कार्य आवंटित किया जाता है,वह वर्क आर्डर होने के बाद दूसरे ठेकेदार को काम बेच देता है।

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कागजों पर एक ठेकेदार और वास्तविकता में काम करने वाला कांट्रेक्टर दूसरा होता है। ऐसा कर के वास्तविक ठेकेदार केवल कमीशन लेकर खिसक जाता है।

काम का पूरा पेमेंट दूसरे कांट्रेक्टर की जेब में चला जाता है। इस वजह से प्राधिकरण में अभियंताओं और सिंडीकेट के बीच कमीशन का लंबा खेल चल रहा है।

ऐसा ही एक मामला एल्डिको उद्यान-2 (रक्षाखंड)की झील के कार्य यहां करीब डेढ़ करोड़ रुपये के एक टेंडर की बंदरबांट ऐसे ही की गई।

विवाद और कार्यादेश होने के लगभग दो महीने बीतने पर भी काम का आगाज नहीं हुआ। आखिरकार प्राधिकरण के मुख्य अभियंता को कहना पड़ा कि यदि जल्द काम शुरू न हुआ तो ठेकेदार फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाए।
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रायबरेली रोड स्थित एल्डिको उद्यान-2 कॉलोनी की झील के सुंदरीकरण शुरू होने की नौबत नहीं आ रही है।

इसकी वजह से प्राधिकरण में ठेकों की खरीद फरोख्त है। इस झील की सफाई,शौचालय और चहारदीवारी निर्माण के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण ने टेंडर प्रक्रिया करीब तीन महीने पहले शुरू की थी।
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उम्मीद की जा रही थी कि,करीब छह महीने में कॉलोनी के लोगों को इस खूबसूरत झील का नजारा लेने का मौका मिलेगा।

यहां पर बोटिंग शुरू किए जाने की भी संभावना भी है। इस ठेके तहत यहां झील की खोदाई,चहारदीवारी,फुटपाथ और कुछ कार्य किए जाने हैं।

यह टेंडर जिस फर्म को दिया गया था। क्षेत्रीय अभियंताओं के मुताबिक,उसने यह काम कमीशन लेकर एक दूसरी फर्म को दे दिया। दूसरी फर्म के आने पर अभियंताओं से किसी मुद्दे पर विवाद हो गया।

इसी बीच में वर्क आर्डर भी कर दिया गया। मगर काम अब तक नहीं शुरू हुआ। जबकि, काम के लिए तय डेड लाइन में दो महीने का समय भी बीत चुका है।

21 फीसदी तक कमीशन
प्राधिकरण के कामों में 21 फीसदी तक कमीशन चलने की बात जानकार कहते हैं। इसमें जेई से लेकर एक्सईएन और आला अधिकारियों तक हिस्सा जाता है।

टेंडर पूल कर के दिए जाते हैं। अब एक और खुलासा हो रहा है कि टेंडर बेचे भी जाते हैं। अनेक ठेकेदार ठेका लेकर दूसरे को दे देते हैं।

उससे काम का एक निश्चित कमीशन लेते हैं और जो भी कुल पेमेंट होता है,वह काम करने वाले ठेकेदार को दे दिया जाता है।

ऐसे में ठेका बेचने वाला ठेकेदार हर्र लगे न फिटकरी रंग भी चोखा वाली स्थिति में आ जाता है। एल्डिको उद्यान-2 की झील में ठेकेदार काम नहीं कर रहा है

इसको लेकर अभियंताओं को चेतावनी दी गई है। अगर जल्द ही काम नहीं शुरू किया गया तो ठेकेदार फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा।

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