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उपभोक्ता सेवा के नाम पर लूट करने वाले राडार पर : श्रीकांत
Tue, 02 Feb 2021 04:31 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 02 Feb 2021 04:31 PM IST
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ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा।
- फोटो : amar ujala
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बिजली सामग्री खरीद में हो रही लूट को लेकर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने अभियंताओं व प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता सेवा के नाम पर लूट करने वाले अधिकारी सरकार के राडार पर हैं। ऐसे अधिकारी किसी भी हाल में बचेंगे नहीं। नौकरशाह हो या अभियंता, सबकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। उपभोक्ता हितों से खिलवाड़ करने वाले अगर रवैया नहीं सुधारते हैं तो इसका खामियाजा सभी को भुगतना पड़ेगा।
ऊर्जा मंत्री मंगलवार को हाइडिल फील्ड हॉस्टल में उप्र पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन की ओर से ‘विद्युत व्यवस्था में सुधार के उपाय’ विषयक सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता हितों से जुड़े सामग्री खरीदने में अधिकारियों को स्वतंत्रता दी गई है तो उन्हें भी पहले दिन से ही सामग्री की गुणवत्ता देखनी चाहिए। अगर खरीदे गए मीटर, तार, पोल आदि सामग्री की लाट खराब आती है, ऊपर से उसे सही बताने का दबाव बनाया जाता है और फर्जी मीटर रीडिंग की बात कही जाती है तो इसकी सूचना उच्चाधिकारियों के साथ ही ऊर्जा मंत्री को भी देनी चाहिए।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. सूर्य पाल गंगवार ने कहा सभी को मिलकर तकनीक का लाभ उठाते हुए आगे बढ़ना होगा। नई तकनीक का ज्यादा से ज्यादा लाभ उपभोक्ताओं को दिलाने का प्रयास करना होगा। सम्मेलन में एसोसिएशन ने मांगपत्र भी ऊर्जा मंत्री को सौंपा।
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किसी का ‘टूल’ न बनें अभियंता
ऊर्जा मंत्री ने अभियंताओं को कार्यशैली में बदलाव लाने की नसीहत देते हुए कहा कि सरकार ने अधिकारियों को स्वतंत्र रूप से काम करने का माहौल दिया है। अधिकारियों को भी बेहतर परिणाम देने चाहिए। प्रमुख सचिव ऊर्जा से लेकर लाइनमैन तक की जिम्मेदारी तय है। किसको क्या करना है सब निर्धारित है। इसलिए अभियंताओं को किसी भी उच्चाधिकारी का ‘टूल’ नहीं बनना चाहिए और न ही किसी गलतफहमी में रहना चाहिए। निचले स्तर पर काम करने वाले अभियंता अगर दबाव में नहीं आएंगे तो किसी की हिम्मत नहीं कि गलत काम करा सके। बदलाव के लिए सबसे पहले अभियंताओं को ही आगे आना होगा। ऊर्जा विभाग 90 हजार करोड़ के घाटे में है। इसे आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की जिम्मेदारी अभियंताओं की है।
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ऊर्जा मंत्री मंगलवार को हाइडिल फील्ड हॉस्टल में उप्र पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन की ओर से ‘विद्युत व्यवस्था में सुधार के उपाय’ विषयक सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता हितों से जुड़े सामग्री खरीदने में अधिकारियों को स्वतंत्रता दी गई है तो उन्हें भी पहले दिन से ही सामग्री की गुणवत्ता देखनी चाहिए। अगर खरीदे गए मीटर, तार, पोल आदि सामग्री की लाट खराब आती है, ऊपर से उसे सही बताने का दबाव बनाया जाता है और फर्जी मीटर रीडिंग की बात कही जाती है तो इसकी सूचना उच्चाधिकारियों के साथ ही ऊर्जा मंत्री को भी देनी चाहिए।
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मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. सूर्य पाल गंगवार ने कहा सभी को मिलकर तकनीक का लाभ उठाते हुए आगे बढ़ना होगा। नई तकनीक का ज्यादा से ज्यादा लाभ उपभोक्ताओं को दिलाने का प्रयास करना होगा। सम्मेलन में एसोसिएशन ने मांगपत्र भी ऊर्जा मंत्री को सौंपा।
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किसी का ‘टूल’ न बनें अभियंता
ऊर्जा मंत्री ने अभियंताओं को कार्यशैली में बदलाव लाने की नसीहत देते हुए कहा कि सरकार ने अधिकारियों को स्वतंत्र रूप से काम करने का माहौल दिया है। अधिकारियों को भी बेहतर परिणाम देने चाहिए। प्रमुख सचिव ऊर्जा से लेकर लाइनमैन तक की जिम्मेदारी तय है। किसको क्या करना है सब निर्धारित है। इसलिए अभियंताओं को किसी भी उच्चाधिकारी का ‘टूल’ नहीं बनना चाहिए और न ही किसी गलतफहमी में रहना चाहिए। निचले स्तर पर काम करने वाले अभियंता अगर दबाव में नहीं आएंगे तो किसी की हिम्मत नहीं कि गलत काम करा सके। बदलाव के लिए सबसे पहले अभियंताओं को ही आगे आना होगा। ऊर्जा विभाग 90 हजार करोड़ के घाटे में है। इसे आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की जिम्मेदारी अभियंताओं की है।
अभियंताओं ने मांगी माफी, सुधार का लिया संकल्प
सम्मेलन में पहुंचे अभियंताओं ने ऊर्जा मंत्री के आह्वान पर अब तक की गलतियों की उपभोक्ताओं से माफी मांगी और बिजली सेक्टर में सुधार का संकल्प लिया। अभियंताओं ने कहा कि अब उपभोक्ताओं को कोई भी कठिनाई नहीं होने देंगे और उपभोक्ता सेवा में व्यापक सुधार के साथ ही 90 हजार करोड़ रुपये के घाटा को कम करने में जुटेंगे।
एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन
सम्मेलन में उपस्थित सर्वसम्मति से एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। इसमें केबी राम को अध्यक्ष और अवधेश कुमार वर्मा फिर से कार्यवाहक अध्यक्ष चुने गए। अनिल कुमार को महासचिव, आरपी केन को सचिव और महेंद्र सिंह, योगेश कुमार, एसपी सिंह, पीएम प्रभाकर व राकेश पुष्करर को उपाध्यक्ष चुना गया।
प्रबंधन के अफसरों की भी तय हो जिम्मेदारी : अवधेश
एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा ईमानदारी से अभियंता और प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। यदि प्रबंध निदेशक व चेयरमैन अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं करते है तो उन्हें भी अभियंताओं की तरह रिवर्ट कर निदेशक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि डीएचएफएल घोटाले में अभियंताओं को तो जेल भेज दिया गया, लेकिन नौकरशाह बच गए। अभियंताओं व पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन को अपनी-अपनी जिम्मेदारी लेनी होगी।
एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन
सम्मेलन में उपस्थित सर्वसम्मति से एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। इसमें केबी राम को अध्यक्ष और अवधेश कुमार वर्मा फिर से कार्यवाहक अध्यक्ष चुने गए। अनिल कुमार को महासचिव, आरपी केन को सचिव और महेंद्र सिंह, योगेश कुमार, एसपी सिंह, पीएम प्रभाकर व राकेश पुष्करर को उपाध्यक्ष चुना गया।
प्रबंधन के अफसरों की भी तय हो जिम्मेदारी : अवधेश
एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा ईमानदारी से अभियंता और प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। यदि प्रबंध निदेशक व चेयरमैन अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं करते है तो उन्हें भी अभियंताओं की तरह रिवर्ट कर निदेशक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि डीएचएफएल घोटाले में अभियंताओं को तो जेल भेज दिया गया, लेकिन नौकरशाह बच गए। अभियंताओं व पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन को अपनी-अपनी जिम्मेदारी लेनी होगी।