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बिना मेट्रो सेल की NOC नहीं होगा कंस्ट्रक्शन

Sun, 29 Sep 2013 12:22 PM IST
ऋषि मिश्र/लखनऊ
ऋषि मिश्र/लखनऊ Updated Sun, 29 Sep 2013 12:22 PM IST
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construction freeze in lucknow metro route

राजधानी में मेट्रो एक्ट लागू होने के साथ ही नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर में कोई भी कंस्ट्रक्शन फ्रीज कर दिया गया है।

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अमौसी से मुंशी पुलिया तक 23 किलोमीटर की दूरी में प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर में निर्माण फ्रीज कर दिए गए हैं।

इस पूरे रूट पर डिवाइडर से दोनों ओर 50-50 मीटर की गहराई में अब एलडीए मेट्रो सेल की अनापत्ति के बाद ही नक्शा पास करेगा।

यह प्रक्रिया सोमवार से शुरू कर दी जाएगी। मेट्रो सेल के चेयरमैन ने इस आशय का पत्र एलडीए वीसी को भेज दिया है।

इसके बाद अब एलडीए के मुख्य नगर नियोजक इस रूट पर कोई भी मानचित्र पास करने से पहले उसको मेट्रो सेल से मिली एनओसी देखेंगे।

यह व्यवस्था अब हमेशा के लिए लागू कर दी गई है। इस नियम को मेट्रो परियोजना की डीपीआर के साथ ही राज्य कैबिनेट से भी पहले पास कराया जा चुका है।

मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर निर्माणों को लेकर कई तरह के प्रतिबंध होते हैं। इसलिए निर्माणकर्ता के लिए मेट्रो सेल और बाद में लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की अनुमति लेना जरूरी होगा।

इस संबंध में डीपीआर में व्यवस्था दी गई है। आखिरकार मेट्रो एक्ट लागू हो जाने के बाद इसको अमली जामा पहनाना आसान हो गया है।

मेट्रो एक्ट करीब चार दिन पहले ही राजधानी में लागू हो गया है। ऐसे में मेट्रो सेल के लिए यह आसान हो गया है कि वह निर्माण फ्रीज करने के नियम मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर लागू कर दें।
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इसलिए राजीव अग्रवाल ने इस व्यवस्था को लागू करने का पत्र शनिवार को एलडीए उपाध्यक्ष अष्टभुजा प्रसाद तिवारी को भेज दिया।

अब यह प्राधिकरण के मुख्य नगर नियोजक जेएन रेड्डी की जिम्मेदारी होगी कि मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर 50-50 मीटर में जो भी मानचित्र स्वीकृति के लिए आए, उन पर वे पहले मेट्रो सेल की एनओसी मांगे।
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बिल्डिंग बनानी हो तो रखें ध्यान
राजधानी में अमौसी से मुंशी पुलिया तक 23 किलोमीटर लंबे रूट पर मेट्रो रेल दौड़ाई जाएगी। एयरपोर्ट, अमौसी, ट्रांसपोर्ट नगर, कृष्णा नगर, सिंगार नगर, आलमबाग, आलमबाग बस स्टेशन, दुर्गापुरी, लखनऊ रेलवे स्टेशन (चारबाग), हुसैनगंज, सचिवालय, हजरतगंज, केडी सिंह बाबू स्टेडियम, लखनऊ विश्वविद्यालय, आईटी कॉलेज, महानगर, बादशाहनगर, लेखराज मार्केट, राम सागर मिश्र कॉलोनी, इंदिरा नगर और मुंशी पुलिया स्टेशन तय किए गए हैं। प्रत्येक एक किलोमीटर पर एक स्टेशन तय किया गया है। इसी रूट के हिसाब से एनओसी लेनी पडे़गी।


अभी कितने विभागों से लेनी होती है एनओसी
अभी तक निर्माणकर्ता को नगर निगम, जल संस्थान, नजूल, ट्रस्ट, अर्जन, फायर , पावर कारपोरेशन, ट्रैफिक, प्रदूषण नियंत्रण और श्रम विभाग से एनओसी लेनी पड़ती है। इसमें अब मेट्रो सेल भी जुड़ जाएगा। किसी को बिल्डिंग बनाने के लिए नक्शा पास कराना हो या फिर कोई लेआउट दोनों ही परिस्थितियों में मेट्रो सेल की एनओसी जरूरी होगी।

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