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Lucknow News: होटल में मिला सिपाही का शव, दोस्त हिरासत में
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सिपाही अंकित
लखनऊ। विकासनगर में सोमवार सुबह होटल टाउन हाउस में बाराबंकी के फतेहपुर स्थित भगौली कुआं डांडा गांव के रहने वाले सिपाही अंकित सिंह (26) का शव मिला। शव के पास से पुलिस को इंजेक्शन और सिरिंज मिलीं। पुलिस ने अंकित के साथ मौजूद दोस्त को हिरासत में ले लिया।
एडीसीपी पूर्वी अमोल मुर्कुट ने बताया कि अंकित सिंह वर्तमान में गोरखपुर स्थित कैपियरगंज थाने में तैनात थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रविवार को सिपाही अंकित अपने दोस्त के काम से उसके साथ गोरखपुर से विकासनगर आया था। यहां दोनों होटल टाउन हाउस में रुके थे। सोमवार सुबह दोस्त सो कर उठ गया, मगर अंकित नहीं जागे। काफी प्रयास के बाद भी अंकित नहीं उठे तो दोस्त ने होटल मैनेजर को इसकी जानकारी दी। मैनेजर के जानकारी देने पर विकासनगर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने होटल पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने सिपाही के घरवालों को घटना की जानकारी दी। एडीसीपी के मुताबिक दोस्त ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि वह और अंकित नशा करते थे। रविवार को होटल पहुंचने पर उसने और सिपाही ने इंजेक्शन से नशा किया था। ऐसे में नशे के ओवरडोज से सिपाही की मौत की आशंका है।
चाचा ने की फुटेज देखने की मांग
अंकित के चाचा चंद्रेश सिंह ने बताया कि दोपहर 12 बजे उन्हें घटना की सूचना मिली थी। होटल पहुंचने पर उन्हें पता चला कि दोस्त जब घटना की जानकारी देने रिसेप्शन पर पहुंचा था तो वह काफी लड़खड़ा रहा था। चाचा ने विकासनगर पुलिस से होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने की मांग की। साथ ही इस बात का पता लगाने की भी मांग की कि होटल में अंकित और उसके दोस्त के साथ कोई और भी था या नहीं।
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पिछले साल ही लगी थी नौकरीः
चाचा ने बताया कि वर्ष 2025 में भतीजे की नौकरी लगी थी। ट्रेनिंग के बाद उसकी पहली पोस्टिंग गोरखपुर में हुई थी। 20 साल पहले अंकित के पिता मीनू सिंह की मौत हो चुकी थी। परिवार में सिर्फ मां आशा देवी हैं। आशा को जब घटना की जानकारी मिली तो वह बेहोश हो गईं। घर में इकलौते बेटे की मौत के बाद कोहराम मच गया। एडीसीपी ने बताया कि अंकित की मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही पता चल सकेगी। घरवालों ने लिखित में कोई तहरीर थाने में नहीं दी है। फिलहाल हिरासत में लिए गए दोस्त से पूछताछ की जा रही है।
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एडीसीपी पूर्वी अमोल मुर्कुट ने बताया कि अंकित सिंह वर्तमान में गोरखपुर स्थित कैपियरगंज थाने में तैनात थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रविवार को सिपाही अंकित अपने दोस्त के काम से उसके साथ गोरखपुर से विकासनगर आया था। यहां दोनों होटल टाउन हाउस में रुके थे। सोमवार सुबह दोस्त सो कर उठ गया, मगर अंकित नहीं जागे। काफी प्रयास के बाद भी अंकित नहीं उठे तो दोस्त ने होटल मैनेजर को इसकी जानकारी दी। मैनेजर के जानकारी देने पर विकासनगर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने होटल पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने सिपाही के घरवालों को घटना की जानकारी दी। एडीसीपी के मुताबिक दोस्त ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि वह और अंकित नशा करते थे। रविवार को होटल पहुंचने पर उसने और सिपाही ने इंजेक्शन से नशा किया था। ऐसे में नशे के ओवरडोज से सिपाही की मौत की आशंका है।
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चाचा ने की फुटेज देखने की मांग
अंकित के चाचा चंद्रेश सिंह ने बताया कि दोपहर 12 बजे उन्हें घटना की सूचना मिली थी। होटल पहुंचने पर उन्हें पता चला कि दोस्त जब घटना की जानकारी देने रिसेप्शन पर पहुंचा था तो वह काफी लड़खड़ा रहा था। चाचा ने विकासनगर पुलिस से होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने की मांग की। साथ ही इस बात का पता लगाने की भी मांग की कि होटल में अंकित और उसके दोस्त के साथ कोई और भी था या नहीं।
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पिछले साल ही लगी थी नौकरीः
चाचा ने बताया कि वर्ष 2025 में भतीजे की नौकरी लगी थी। ट्रेनिंग के बाद उसकी पहली पोस्टिंग गोरखपुर में हुई थी। 20 साल पहले अंकित के पिता मीनू सिंह की मौत हो चुकी थी। परिवार में सिर्फ मां आशा देवी हैं। आशा को जब घटना की जानकारी मिली तो वह बेहोश हो गईं। घर में इकलौते बेटे की मौत के बाद कोहराम मच गया। एडीसीपी ने बताया कि अंकित की मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही पता चल सकेगी। घरवालों ने लिखित में कोई तहरीर थाने में नहीं दी है। फिलहाल हिरासत में लिए गए दोस्त से पूछताछ की जा रही है।