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Lucknow News: सिपाही निकला लूट का आरोपी, कमता चौकी इंचार्ज भी शामिल
Sun, 14 Jun 2026 02:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 14 Jun 2026 02:06 AM IST
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
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लखनऊ। चिनहट में निवेश के नाम पर दो दोस्तों को अगवा कर पांच लाख रुपये लूटने की वारदात का बड़ा खुलासा हुआ है। वारदात में कमता चौकी पर तैनात सिपाही पूर्ण सिंह की संलिप्तता उजागर हुई है। वहीं, पुलिस ने कमता चौकी इंचार्ज मोहित को भी आरोपी बनाया है।
सिपाही पूर्ण सिंह और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से लूटे गए 1.25 लाख रुपये और घटना में इस्तेमाल दो गाड़ियां बरामद की गई हैं। वारदात में शामिल सीआरपीएफ का दरोगा जय प्रकाश यादव व अन्य आरोपी भागे हुए हैं।
डीसीपी पूर्वी दीक्षा सिंह ने बताया कि मूलरूप से उन्नाव के एबी नगर और वर्तमान में तेलीबाग की वृंदावन योजना निवासी प्रभाकर सिंह ने इस मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्रभाकर के अनुसार, उनके भाई दिवाकर सिंह और उनके दोस्त प्रॉपर्टी डीलर अनूप शुक्ला को आनंद दुबे ने दोगुने मुनाफे का लालच दिया था। 10 जून को उन्हें रुपये लेकर चिनहट के ग्लोब इन होटल के पास बुलाया गया था। वहां उन्हें पुलिस की फर्जी नंबर प्लेट लगी बोलेरो और एक अन्य कार से अगवा कर लूटा गया। डीसीपी ने बताया कि एफआईआर में आरोपी जय प्रकाश को सीआरपीएफ में सिपाही बताया गया था।
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सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से हुई गिरफ्तारी
डीसीपी के अनुसार, जांच में सिपाही पूर्ण सिंह की भूमिका सामने आई। इसके बाद सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पूर्ण सिंह और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में गोरखपुर के बड़गांव, रामगढ़ताल निवासी जावेेद हुसैन, तिवारीपुर निवासी आसिफ और संतकबीरनगर के महुली के झकही चक बेल्हुआ निवासी प्रवेश त्रिपाठी शामिल हैं। पूर्ण सिंह मूलरूप से राजस्थान के अलवर का रहने वाला है। पूर्ण सिंह के अलावा बाकी तीनों आरोपी प्रॉपर्टी डीलिंग करते हैं।
फर्जी नंबर प्लेट का किया गया इस्तेमाल
एडीसीपी पूर्वी अमोल मुर्कुट ने बताया कि वारदात में पुलिस के सरकारी वाहन की फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल हुआ। जांच में पता चला कि वह गाड़ी काफी पहले नीलाम हो चुकी थी। आशंका है कि इस गिरोह ने पहले भी कई लोगों को निशाना बनाया होगा।
आरोपी सिपाही निलंबित, होगी बर्खास्तगी की कार्रवाई
आरोपी सिपाही पूर्ण सिंह 2019 बैच का है और उसे निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ जल्द ही बर्खास्तगी की कार्रवाई भी शुरू की जाएगी। वह करीब छह माह से चिनहट की कमता चौकी पर तैनात था। इससे पहले उसकी तैनाती विभूतिखंड थाने में थी।
चौकी इंचार्ज को थी घटना की जानकारी
इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि जांच और आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि चौकी इंचार्ज को घटना की पहले से जानकारी थी। वह आरोपी सिपाही पूर्ण सिंह के साथ मिलकर साजिश रचने वालों में शामिल था। पुलिस अब दरोगा मोहित की तलाश में जुटी है। मूलरूप से मुजफ्फरनगर निवासी मोहित भागा हुआ है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के पूरे गिरोह में करीब 10 लोग शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी दरोगा मोहित के खिलाफ जल्द ही निलंबन और बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की जा सकती है।
एक आरोपी पीएसी से बर्खास्त सिपाही
इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि आनंद दुबे इस गिरोह का सरगना है। जय प्रकाश यादव सीआरपीएफ में सिपाही नहीं, बल्कि दरोगा है। एक आरोपी के पीएसी से बर्खास्त सिपाही होने की बात भी पता चली है।
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सिपाही पूर्ण सिंह और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से लूटे गए 1.25 लाख रुपये और घटना में इस्तेमाल दो गाड़ियां बरामद की गई हैं। वारदात में शामिल सीआरपीएफ का दरोगा जय प्रकाश यादव व अन्य आरोपी भागे हुए हैं।
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डीसीपी पूर्वी दीक्षा सिंह ने बताया कि मूलरूप से उन्नाव के एबी नगर और वर्तमान में तेलीबाग की वृंदावन योजना निवासी प्रभाकर सिंह ने इस मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्रभाकर के अनुसार, उनके भाई दिवाकर सिंह और उनके दोस्त प्रॉपर्टी डीलर अनूप शुक्ला को आनंद दुबे ने दोगुने मुनाफे का लालच दिया था। 10 जून को उन्हें रुपये लेकर चिनहट के ग्लोब इन होटल के पास बुलाया गया था। वहां उन्हें पुलिस की फर्जी नंबर प्लेट लगी बोलेरो और एक अन्य कार से अगवा कर लूटा गया। डीसीपी ने बताया कि एफआईआर में आरोपी जय प्रकाश को सीआरपीएफ में सिपाही बताया गया था।
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सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से हुई गिरफ्तारी
डीसीपी के अनुसार, जांच में सिपाही पूर्ण सिंह की भूमिका सामने आई। इसके बाद सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पूर्ण सिंह और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में गोरखपुर के बड़गांव, रामगढ़ताल निवासी जावेेद हुसैन, तिवारीपुर निवासी आसिफ और संतकबीरनगर के महुली के झकही चक बेल्हुआ निवासी प्रवेश त्रिपाठी शामिल हैं। पूर्ण सिंह मूलरूप से राजस्थान के अलवर का रहने वाला है। पूर्ण सिंह के अलावा बाकी तीनों आरोपी प्रॉपर्टी डीलिंग करते हैं।
फर्जी नंबर प्लेट का किया गया इस्तेमाल
एडीसीपी पूर्वी अमोल मुर्कुट ने बताया कि वारदात में पुलिस के सरकारी वाहन की फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल हुआ। जांच में पता चला कि वह गाड़ी काफी पहले नीलाम हो चुकी थी। आशंका है कि इस गिरोह ने पहले भी कई लोगों को निशाना बनाया होगा।
आरोपी सिपाही निलंबित, होगी बर्खास्तगी की कार्रवाई
आरोपी सिपाही पूर्ण सिंह 2019 बैच का है और उसे निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ जल्द ही बर्खास्तगी की कार्रवाई भी शुरू की जाएगी। वह करीब छह माह से चिनहट की कमता चौकी पर तैनात था। इससे पहले उसकी तैनाती विभूतिखंड थाने में थी।
चौकी इंचार्ज को थी घटना की जानकारी
इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि जांच और आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि चौकी इंचार्ज को घटना की पहले से जानकारी थी। वह आरोपी सिपाही पूर्ण सिंह के साथ मिलकर साजिश रचने वालों में शामिल था। पुलिस अब दरोगा मोहित की तलाश में जुटी है। मूलरूप से मुजफ्फरनगर निवासी मोहित भागा हुआ है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के पूरे गिरोह में करीब 10 लोग शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी दरोगा मोहित के खिलाफ जल्द ही निलंबन और बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की जा सकती है।
एक आरोपी पीएसी से बर्खास्त सिपाही
इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि आनंद दुबे इस गिरोह का सरगना है। जय प्रकाश यादव सीआरपीएफ में सिपाही नहीं, बल्कि दरोगा है। एक आरोपी के पीएसी से बर्खास्त सिपाही होने की बात भी पता चली है।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।