यूपी पुलिसः मुफ्त बिरयानी के लिए दुकानदार से की लड़ाई
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अलीगंज इलाके में सोमवार देर रात एक दुकान पर मुफ्त बिरयानी के लिए झगड़ रहे एक सिपाही समेत दो लोगों को एसओ ने जमकर धुना और बंदी बना लिया। कई घंटे जद्दोजहद के बाद दोनों को थाने से छोड़ा गया।
सिपाही ने एसओ पर उत्पीड़न और लूट का आरोप लगाते हुए डीआईजी से शिकायत की। सीओ अलीगंज को मामले की जांच करने के लिए कहा गया है।
एसओ अलीगंज वीरेंद्र बहादुर यादव का कहना है कि पुरनिया स्थित लल्लू बिरयानी कार्नर पर सोमवार रात एक बजे झगड़े की सूचना पर के बाद चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे। नशे में धुत कई लोगों को झगड़ा करते देख उन्होंने थाने से फोर्स मंगाई।
गश्त पर निकले एसओ ने फोर्स के साथ जाकर दो व्यक्तियों को पकड़ लिया और पुलिस एक्ट में चालान कर दिया गया। पकड़े गए व्यक्तियों में एक ने खुद को मड़ियांव थाने में तैनात कांस्टेबल कृष्णचंद्र पांडेय बताते हुए हंगामा किया।
दूसरे की पहचान अलीगंज के सेक्टर ए निवासी विनय तिवारी के रूप में हुई। वह एक कांस्टेबल का बेटा बताया जा रहा है। कागजी खानापूरी के साथ दोनों को दोबारा झगड़ा न करने की हिदायत देकर निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
रात को एक बजे कैसे खुला था बिरयानी कॉर्नर
थाने से छूटे कांस्टेबल कृष्णचंद्र पांडेय ने एसओ वीरेंद्र बहादुर यादव व उनकी टीम पर प्रताड़ना व लूट का आरोप लगाते हुए डीआईजी रेंज से शिकायत की। उसका कहना है कि वह रात एक बजे अलीगंज के हनुमान मंदिर में दर्शन करके जा रहा था।
डीआईजी रेंज आरके चतुर्वेदी ने बताया कि मामले की जांच सीओ अलीगंज को सौंपी गई है। मड़ियांव थाने में तैनात कांस्टेबल कृष्णचंद्र की पुलिस लाइन में सीईआर ड्यूटी है।
ऐसी दशा में रात एक बजे वह पुरनिया चौराहे पर किन परिस्थितियों में गया था। सभी दुकानें बंद होने के बाद भी रात एक बजे बिरयानी कार्नर कैसे खुला था इसकी भी जांच कराई जाएगी।
इस बीच, दुकानदान ने सिपाही के बेटे पर जबरन दुकान खुलवाने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है।