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केजीएमयू में धर्मांतरण की साजिश: 20 करोड़ रुपये से लगेंगे सीसीटीवी कैमरे, तैनात होगा सुरक्षा अधिकारी
Wed, 22 Apr 2026 11:34 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Wed, 22 Apr 2026 11:34 PM IST
सार
केजीएमयू में धर्मांतरण की साजिशों पर रोक लगाने और परिसर की गतिविधियों की निगरानी के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। इसके लिए व्यापक इंतजाम किए जाएंगे।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
धर्मांतरण के मामलों पर चर्चा का केंद्र बना केजीएमयू अब अतिरिक्त कदम उठाने जा रहा है। परिसर की कड़ी निगरानी के लिए केजीएमयू प्रशासन 20 करोड़ रुपये से आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाएगा। इसके साथ ही व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए एक सुरक्षा अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा।
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केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि परिसर में रोजाना करीब 10 हजार मरीज आते हैं। इलाज में लगे चिकित्सा कर्मियों की संख्या भी संख्या भी इतनी ही रहती है। ऐसे में सभी पर निगरानी करना बड़ी चुनौती होती है। ताजा मामले में देखा गया है कि हस्साम अहमद नाम का 12वीं पास शख्स परिसर में नियमित रूप से घूमता था और खुद को डॉक्टर बताता था। इसी वजह से उसके झांसे में यहां के स्टूडेंट आ गए।
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ऐसे मामलों पर निगाह रखने के लिए परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जा रही है। ये सीसीटीवी कैमरे कैंपस के संवेदनशील स्थानों, प्रवेश द्वारों, शैक्षणिक भवनों और हॉस्टल क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे। इन कैमरों में आधुनिक तकनीक का उपयोग होगा, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान आसानी से की जा सकेगी।
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कैमरों की खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पूरी प्रक्रिया में करीब तीन महीने का समय लगेगा। इसके साथ ही कैंपस में एक अलग सिक्योरिटी ऑफिसर की तैनाती भी की जाएगी। यह अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी और समन्वय का जिम्मा संभालेगा। आधुनिक तकनीक, अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों और प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम को लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बाहरी तत्वों की घुसपैठ को रोकना है। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पूरी तरह अंकुश लगाना है।