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एनआरसी मामले में जेल भेजे गए लोगों के लिए लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस
Sun, 29 Dec 2019 10:37 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sun, 29 Dec 2019 10:37 PM IST
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प्रियंका गांधी
- फोटो : amar ujala
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एनआरसी मामले में जेल भेजे गए लोगों के लिए कांग्रेस मैदान में उतरेगी। इस मुद्दे पर पुलिस की प्रताड़ना झेलने वालों की सूची तैयार करने की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओ को देने का निर्णय भी लिया गया है। जनवरी में एनआरसी और इसके विरुद्ध संघर्ष करने वालों के उत्पीड़न के खिलाफ पार्टी लखनऊ और सहारनपुर में बड़ी रैलियां करेगी। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की मौजूदगी में हुई कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में ये महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
प्रियंका गांधी रविवार की सुबह 11 बजे अपने आवास से प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचीं। यहां उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ करीब दो घंटे मंथन किया। तय हुआ कि एनआरसी मामले में कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। एनआरसी के खिलाफ सड़कों पर उतरने पर जिन भी लोगों के साथ ज्यादती हुई है या जिन्हें जेल में डाला गया है, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उनके परिवारीजनों से मिलने जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और पीएल पुनिया की देखरेख में एक-दो दिन में ही इन लोगों की सूची तैयार की जाएगी। इसके लिए सभी जिलों व शहरों से तत्काल सूचना मंगाने के लिए कहा गया है, ताकि उन नामों को सूचीबद्ध किया जा सके।
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प्रियंका गांधी की टीम में शामिल एक प्रोफेशनल कार्यकर्ता ने बताया कि बैठक में किसानों की समस्याओं, बुंदेलखंड में बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि, गन्ना का बकाया मूल्य, कर्जमाफी न होने, लगातार बढ़ रही महिला हिंसा, बेरोजगारी, संविदा व सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं समेत अनेक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
तय हुआ कि इन मुद्दों पर स्थानीय स्तर पर लगातार संघर्ष किया जाए। वहीं, एनआरसी और सीएए के मुद्दे पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सहारनपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लखनऊ में बड़ी रैलियां की जाएंगी। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी को तैयारियों में जुटने के लिए कहा गया है। यह भी निर्देश दिए गए हैं वरिष्ठ कांग्रेसियों की भी पूरी मदद ली जाए, ताकि वे कहीं से भी खुद को उपेक्षित न महसूस करें।
बैठक में प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस लोगों को लगातार लड़ती हुई दिखनी चाहिए। तभी हम यूपी में सपा-बसपा के स्थान पर भाजपा का विकल्प बनकर उभर सकते हैं। प्रियंका ने स्पष्ट तौर पर कहा कि संगठन और जनता को समय दे सकने वाले नेताओं को ही पद लेना चाहिए। यह संघर्ष का दौर है, इसलिए बड़े पद का मतलब बड़ी जिम्मेदारी है।
जो भी नेता या कार्यकर्ता महत्वपूर्ण पद पर हैं, वे इसे सुविधाओं के बजाय संघर्ष का ताज मानते हुए काम करें, तभी कांग्रेस यूपी में पुन: खड़ी हो सकती है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि बैठक में एनआरसी मामले में फंसाए गए निर्दोष लोगों के लिए संघर्ष करने की रणनीति तय की गई। जल्द ही इसका असर भी दिखेगा।
रायबरेली से शाम को गोखले स्थित आवास लौंटी प्रियंका
प्रियंका गांधी रविवार को दिन में 1:22 बजे पीसीसी मुख्यालय से रायबरेली के लिए रवाना हो गईं। इससे पहले उन्होंने पीएल पुनिया और प्रमोद तिवारी समेत सलाहकार मंडल के सदस्यों से भी मुलाकात की। शाम को करीब 6:15 बजे प्रियंका बाराबंकी से लखनऊ में गोखले मार्ग स्थित अपने आवास पर लौट आईं।
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प्रियंका गांधी रविवार की सुबह 11 बजे अपने आवास से प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचीं। यहां उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ करीब दो घंटे मंथन किया। तय हुआ कि एनआरसी मामले में कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। एनआरसी के खिलाफ सड़कों पर उतरने पर जिन भी लोगों के साथ ज्यादती हुई है या जिन्हें जेल में डाला गया है, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उनके परिवारीजनों से मिलने जाएंगे।
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सूत्रों के अनुसार, पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और पीएल पुनिया की देखरेख में एक-दो दिन में ही इन लोगों की सूची तैयार की जाएगी। इसके लिए सभी जिलों व शहरों से तत्काल सूचना मंगाने के लिए कहा गया है, ताकि उन नामों को सूचीबद्ध किया जा सके।
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प्रियंका गांधी की टीम में शामिल एक प्रोफेशनल कार्यकर्ता ने बताया कि बैठक में किसानों की समस्याओं, बुंदेलखंड में बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि, गन्ना का बकाया मूल्य, कर्जमाफी न होने, लगातार बढ़ रही महिला हिंसा, बेरोजगारी, संविदा व सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं समेत अनेक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
तय हुआ कि इन मुद्दों पर स्थानीय स्तर पर लगातार संघर्ष किया जाए। वहीं, एनआरसी और सीएए के मुद्दे पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सहारनपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लखनऊ में बड़ी रैलियां की जाएंगी। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी को तैयारियों में जुटने के लिए कहा गया है। यह भी निर्देश दिए गए हैं वरिष्ठ कांग्रेसियों की भी पूरी मदद ली जाए, ताकि वे कहीं से भी खुद को उपेक्षित न महसूस करें।
बैठक में प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस लोगों को लगातार लड़ती हुई दिखनी चाहिए। तभी हम यूपी में सपा-बसपा के स्थान पर भाजपा का विकल्प बनकर उभर सकते हैं। प्रियंका ने स्पष्ट तौर पर कहा कि संगठन और जनता को समय दे सकने वाले नेताओं को ही पद लेना चाहिए। यह संघर्ष का दौर है, इसलिए बड़े पद का मतलब बड़ी जिम्मेदारी है।
जो भी नेता या कार्यकर्ता महत्वपूर्ण पद पर हैं, वे इसे सुविधाओं के बजाय संघर्ष का ताज मानते हुए काम करें, तभी कांग्रेस यूपी में पुन: खड़ी हो सकती है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि बैठक में एनआरसी मामले में फंसाए गए निर्दोष लोगों के लिए संघर्ष करने की रणनीति तय की गई। जल्द ही इसका असर भी दिखेगा।
रायबरेली से शाम को गोखले स्थित आवास लौंटी प्रियंका
प्रियंका गांधी रविवार को दिन में 1:22 बजे पीसीसी मुख्यालय से रायबरेली के लिए रवाना हो गईं। इससे पहले उन्होंने पीएल पुनिया और प्रमोद तिवारी समेत सलाहकार मंडल के सदस्यों से भी मुलाकात की। शाम को करीब 6:15 बजे प्रियंका बाराबंकी से लखनऊ में गोखले मार्ग स्थित अपने आवास पर लौट आईं।