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बिजली पर कांग्रेस का बयान हास्यास्पद : श्रीकांत शर्मा
Fri, 06 Nov 2020 09:27 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 06 Nov 2020 09:27 PM IST
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मंत्री श्रीकांत शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
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ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि देश को 70 साल तक अंधेरे में रखने वाली कांग्रेस का बिजली पर बयान हास्यास्पद है। मायावती व अखिलेश यादव की सरकार में बिजली कंपनियों के साथ किए गए महंगे बिजली खरीद करार और आर्थिक अनियमितताओं ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था को गर्त में धकेलने का काम किया है। साढ़े तीन साल में भाजपा सरकार ने बिजली के साथ ही प्रदेश की विकास की गाड़ी को पटरी पर लाने का काम किया है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा लगाए गए आरोपों पर श्रीकांत शर्मा ने शुक्रवार को पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा की तिकड़ी सरकारों की गलत नीतियों के कारण ही बिजली विभाग लगभग 90 हजार करोड़ के घाटे में है।15 साल तक इन सरकारों ने प्रदेश की जनता को गुमराह ही किया। घरों में बिजली नहीं बल्कि केवल बिल ही पहुंचते थे। भाजपा सरकार में प्रदेश के गांवों को 18, तहसील मुख्यालयों को 20 और जिला मुख्यालयों को 24 घंटे निर्बाध बिजली दी जा रही है। गांवों को 54 प्रतिशत ज्यादा बिजली मिल रही है।
उन्होंने कहा कि प्रियंका को तो अंधेरे का अहसास नहीं होगा। प्रदेश तो दूर कांग्रेस अमेठी और रायबरेली के घरों में भी उजाला नहीं पहुंचा पाई। वह केवल अमेठी और रायबरेली के उन घरों में जाकर हो आएं जहां 70 साल बाद पहली बार बिजली पहुंची है। उन्हें अहसास हो जाएगा कि अंधेरे में जीने का दंश क्या होता है? प्रदेश में भाजपा सरकार ने ऐसे 1.30 लाख मजरों के 1.38 करोड़ घरों में उजाला पहुंचाया है।
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उन्होंने कहा कि तिकड़ी सरकार ने किसान और ग्रामीणों को ट्रांसफार्मरों के लिए प्रताड़ित किया। एक फुंके ट्रांसफार्मर को बदलवाने में पूरे गांव को महीनों लग जाते थे, लेकिन मार्च 2017 के बाद से यह व्यवस्था बदल गई। आज 24 से 48 घंटों में ट्रांसफार्मर बिना किसी बाधा के बदले जा रहे हैं। जहां तक मीटरों के तेज चलने का सवाल है तो उपभोक्ता की शिकायत पर तत्काल ही वहां चेक मीटर लगाने की व्यवस्था की गई है। अधिक या गलत बिल आने की शिकायतों पर भी प्रभावी कार्रवाई की गई है। गलत बिल पर बिलिंग एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर व अन्य कानूनी कार्रवाई भी होती है। प्रियंका द्वारा की गई टिप्पणियां राजनीति से प्रेरित हैं और सुर्खियों में बने रहने की प्रतिस्पर्धा से इतर कुछ भी नहीं हैं।
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा लगाए गए आरोपों पर श्रीकांत शर्मा ने शुक्रवार को पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा की तिकड़ी सरकारों की गलत नीतियों के कारण ही बिजली विभाग लगभग 90 हजार करोड़ के घाटे में है।15 साल तक इन सरकारों ने प्रदेश की जनता को गुमराह ही किया। घरों में बिजली नहीं बल्कि केवल बिल ही पहुंचते थे। भाजपा सरकार में प्रदेश के गांवों को 18, तहसील मुख्यालयों को 20 और जिला मुख्यालयों को 24 घंटे निर्बाध बिजली दी जा रही है। गांवों को 54 प्रतिशत ज्यादा बिजली मिल रही है।
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उन्होंने कहा कि प्रियंका को तो अंधेरे का अहसास नहीं होगा। प्रदेश तो दूर कांग्रेस अमेठी और रायबरेली के घरों में भी उजाला नहीं पहुंचा पाई। वह केवल अमेठी और रायबरेली के उन घरों में जाकर हो आएं जहां 70 साल बाद पहली बार बिजली पहुंची है। उन्हें अहसास हो जाएगा कि अंधेरे में जीने का दंश क्या होता है? प्रदेश में भाजपा सरकार ने ऐसे 1.30 लाख मजरों के 1.38 करोड़ घरों में उजाला पहुंचाया है।
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उन्होंने कहा कि तिकड़ी सरकार ने किसान और ग्रामीणों को ट्रांसफार्मरों के लिए प्रताड़ित किया। एक फुंके ट्रांसफार्मर को बदलवाने में पूरे गांव को महीनों लग जाते थे, लेकिन मार्च 2017 के बाद से यह व्यवस्था बदल गई। आज 24 से 48 घंटों में ट्रांसफार्मर बिना किसी बाधा के बदले जा रहे हैं। जहां तक मीटरों के तेज चलने का सवाल है तो उपभोक्ता की शिकायत पर तत्काल ही वहां चेक मीटर लगाने की व्यवस्था की गई है। अधिक या गलत बिल आने की शिकायतों पर भी प्रभावी कार्रवाई की गई है। गलत बिल पर बिलिंग एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर व अन्य कानूनी कार्रवाई भी होती है। प्रियंका द्वारा की गई टिप्पणियां राजनीति से प्रेरित हैं और सुर्खियों में बने रहने की प्रतिस्पर्धा से इतर कुछ भी नहीं हैं।