कांग्रेस विधायक ने किया आत्मसमर्पण, जेल भेजा गया
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अदालत द्वारा जारी वारंट व कुर्की के आदेश के बाद तिलोई क्षेत्र से कांग्रेस विधायक मो. मुस्लिम ने मंगलवार को कोर्ट में समर्पण कर दिया।
न्यायिक अभिरक्षा में लिए जाने के बाद जमानत अर्जी की सुनवाई टलने से कोर्ट ने विधायक को जेल भेज दिया। गौरतलब है कि वर्ष 2000 में हुए सांप्रदायिक बलवे के मामले में विधायक आरोपी हैं।
शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के इन्हौंना कस्बे में सात दिसंबर 2000 को सांप्रदायिक बलवा हो गया था। लोगों की भीड़ ने एक समुदाय की दुकान व कारखाने में तोड़फोड़ की थी।
इस पर तत्कालीन थानाध्यक्ष दिनेशचंद्र मिश्रा ने तीन आरोपी फहीम, शान मोहम्मद और इजहार के खिलाफ बलवा करने, शासकीय कार्य में बाधा डालने समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अदालत ने 30 अप्रैल को दिया था कुर्की का आदेश
विवेचना के बाद उक्त तीनों के अलावा तिलोई विधायक मो. मुस्लिम के खिलाफ भी 29 जून 2001 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। इस मामले में विधायक ने जमानत नहीं कराई थी।
इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए विधायक के खिलाफ बीती 30 अप्रैल को वारंट और संपत्ति कुर्क करने का आदेश एसओ शिवरतनगंज को दिया था।
अदालत के बढ़ते दबाव के चलते मंगलवार को विधायक ने कोर्ट संख्या 19 के न्यायिक मजिस्ट्रेट वीरेंद्र सिंह के समक्ष समर्पण कर दिया। इसके बाद विधायक के अधिवक्ता ओपी सिंह ने जमानत प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के लिए समय चाहा।
इस पर कोर्ट ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 6 मई की तारीख तय कर दी। तारीख तय होते ही विधायक को जेल भेज दिया गया।
विधायक समर्थकों में छा गई मायूसी
दीवानी कचहरी स्थित कोर्ट में विधायक के कोर्ट में समर्पण किए जाने की सूचना पर परिवारीजनों के अलावा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। दिन भर गहमागहमी का माहौल रहा।
विधायक के समर्थकों की दिल की धड़कनें घटती और बढ़ती रहीं। जैसे ही जमानत प्रार्थनापत्र पर सुनवाई करने की तारीख तय की गई, वैसे ही विधायक का जेल जाना तय हो गया। इस पर समर्थकों में मायूसी छा गई।
..और अपनी गाड़ी से ही पहुंचे जेल
न्यायिक अभिरक्षा में लिए जाने के बाद विधायक का अपनी गाड़ी से मोहभंग नहीं हुआ। पुलिस की गाड़ी से जेल न जाने के बजाय अपनी ही गाड़ी पर सवार हुए। इसके बाद जेल पहुंचे। वहां पर जेल के बाहर खडे़ समर्थकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया।