राज्यसभा चुनाव में बिखर गई कांग्रेस, नहीं बचा पाई अपना किला
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विधान परिषद के बाद राज्यसभा चुनाव में भी कांग्रेस भितरघात का शिकार हो गई। कांग्रेस ने अपना किला बचाने के लिए दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद को यहां भेजा था, लेकिन वे भी भितरघात करने वाले विधायकों को भांप नहीं पाए। लगातार तीन दिन चली डिनर पार्टी के बावजूद कांग्रेस अपने विधायकों को संभाल नहीं पाई।
कांग्रेस के छह विधायकों ने अधिकृत प्रत्याशी कपिल सिब्बल को वोट नहीं दिया। कांग्रेस के मुख्य सचेतक डॉ. मोहम्मद मुस्लिम जिन्होंने पार्टी के सभी विधायकों को व्हिप जारी कर सिब्बल को वोट देने के निर्देश दिए थे, उन्होंने खुद अपना वोट बसपा को दे दिया।
मो. मुस्लिम अमेठी लोकसभा क्षेत्र की तिलोई विधानसभा सीट से विधायक हैं। ऐसे में बसपा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र में सीधे सेंध लगाई है।
दरअसल, कांग्रेस के 29 विधायकों में महराजगंज के नौतनवां से विधायक कौशल किशोर सिंह मुन्ना मुंबई में कैंसर का इलाज करा रहे हैं। इसलिए वे वोट देने नहीं आए, जबकि पार्टी के छह विधायकों ने क्रॉस वोट कर दिया।
कपिल सिब्बल को इस तरह मिले वोट
ऐसे में कांग्रेस के 22 विधायकों की ही प्रथम वरीयता का वोट कपिल सिब्बल को मिला है। इनके अलावा रालोद व पीस पार्टी का एक-एक और मुख्तार अंसारी का वोट उन्हें मिला। इस तरह सिब्बल को पहली वरीयता के कुल 25 मत मिले।
तीन कांग्रेस विधायकों ने बसपा व तीन ने भाजपा को दिया वोट
कांग्रेस के तीन विधायकों ने भाजपा तथा तीन विधायकों ने बसपा को वोट दिया है। बसपा को वोट देने वालों में मो. मुस्लिम के अलावा रामपुर के स्वार से विधायक नवाब काजिम अली व बुलंदशहर के स्याना से विधायक दिलनवाज खान शामिल हैं। इन तीनों ने दूसरी वरीयता का वोट कांग्रेस को दिया है।
भाजपा को वोट देने वालों में बहराइच की नानपारा सीट से विधायक माधुरी वर्मा, बस्ती की रूधौली सीट से विधायक संजय प्रताप जायसवाल व कुशीनगर की खड्डा सीट से विधायक विजय कुमार दुबे शामिल हैं।
इन सभी ने 2017 के विधानसभा चुनाव में अपने राजनीतिक भविष्य को देखते हुए दूसरी पार्टियों को वोट देकर उनके प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है।
कांग्रेस ने नहीं की हॉर्स ट्रेडिंग : आजाद
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उत्तराखंड व अरुणाचल प्रदेश में भी यही किया था। कांग्रेस ने न तो हॉर्स ट्रेडिंग की और न ही तोड़फोड़ की। कांग्रेस को उन्हीं दलों ने समर्थन दिया जिनके अपने प्रत्याशी नहीं थे। हम ऐसे दलों के आभारी हैं।
मो. मुस्लिम मुख्य सचेतक पद से बर्खास्त
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर ने भितरघात के बाद मुख्य सचेतक पद से डॉ. मो. मुस्लिम को बर्खास्त कर दिया है। दिलनवाज खान को भी विधानसभा की एक कमेटी में सदस्य बनाए जाने की सिफारिश की गई थी। कांग्रेस ने इस सिफारिश को वापस लेने का पत्र विधानसभा अध्यक्ष को दे दिया है।
पार्टी के खिलाफ वोट देने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई : माथुर
प्रदीप माथुर ने बताया कि पार्टी के खिलाफ मतदान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हाईकमान को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जा रही है। इनकी सदस्यता खत्म करने के लिए जल्द ही स्पीकर के समक्ष याचिका दाखिल की जाएगी।