ये आंकड़े पढ़कर आपका मोदी से हो जाएगा मोहभंग!
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कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद बीके हरिप्रसाद का कहना है कि मोदी सरकार आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह नाकाम रही है। एक साल में निर्यात 11 फीसदी घट गया।
हर साल दो करोड़ नौकरी देने का वादा किया गया था लेकिन पिछले एक साल में महज 17.5 लाख नौकरियां ही केंद्र सरकार दे सकी है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से रूबरू हरिप्रसाद ने कहा कि महंगाई कम करने व एक नई अर्थव्यवस्था के गठन का सपना दिखाकर भाजपा सत्ता में आई थी।
नरेंद्र मोदी ने अर्थशास्त्रियों और भारतीय उद्योग को नए आर्थिक ब्ल्यूप्रिंट का सपना दिखाया था। पर आर्थिक ब्ल्यूप्रिंट मात्र सुर्खियां बटोरने वाला प्रिंट बन गया है। सर्विस टैक्स में बढ़ोतरी कर सरकार ने महंगाई बढ़ाने में सहयोग दिया है।
10 वर्षों में इन क्षेत्रों में हुई थी वृद्घि
उन्होंने कहा कि वैश्विक मंदी के बावजूद कांग्रेस की यूपीए सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल में देश में सर्वाधिक आर्थिक वृद्धि हुई, पर आज टेक्सटाइल, लेदर, मेटल, ऑटोमोबाइल, जेम्स एवं ज्वैलरी, परिवहन, आईटी-बीपीओ, हैंडलूम और पावरलूम में मंदी दिखने लगी है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री भी मौजूद थे।
‘मेक इन इंडिया’ छलावा
मोदी सरकार ने ‘मेक इन इंडिया’ को राजनीतिक नारे के तौर पर लगातार इस्तेमाल किया है। सरकार ने उद्योगों को उत्पादन में अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में बराबरी का दर्जा दिलवाने, इनवर्टेड टैक्स संरचना को बदलने, कच्चे माल की लागत पर नियंत्रण करने के लिए एक भी कदम नहीं उठाया। इससे ‘मेक इन इंडिया’ केवल एक नारा बनकर रह गया है।