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'समाजवादी आंदोलन के एक युग का अंत'
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Tue, 24 Sep 2013 02:32 AM IST
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सपा मुख्यालय में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सोमवार को पार्टी महासचिव और सांसद मोहन सिंह को भावपूर्ण विदाई दी।
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उनका पार्थिव शरीर विशेष विमान से दिल्ली से लखनऊ लाया गया। पार्टी मुख्यालय पर श्रद्धांजलि के बाद विशेष विमान से ही शव को गोरखपुर भेजा गया।
उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को देवरिया जिले के बरहज क्षेत्र स्थित उनके पैतृक गांव जयनगर में किया जाएगा।
मोहन सिंह का पार्थिव शरीर दोपहर में विशेष विमान से अमौसी एयरपोर्ट पहुंचा। साथ में उनकी बेटी एवं अन्य परिजन भी थे।
एयरपोर्ट पर पार्टी विधायकों, सासदों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। दर्जनों कारों के काफिले के साथ उनकी शवयात्रा सपा के राज्य मुख्यालय विक्रमादित्य मार्ग पर करीब एक बजे पहुंची।
यहां श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उनका पार्थिव शरीर उनके गोमती नगर स्थित आवास ले जाया गया। वहां से शव को फिर एयरपोर्ट लाकर विशेष विमान से गोरखपुर भेजा गया।
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सपा मुख्यालय पर शवयात्रा पहुंचते ही वहां मोहन सिंह अमर रहें के नारों के बीच पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री की ओर से सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने पार्टी का झंडा और पुष्प चक्र चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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मुख्यमंत्री राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली गए हुए हैं। मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव ने रविवार को दिल्ली में एम्स और पंडारा रोड स्थित आवास पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी।
समाजवादी आंदोलन के एक युग का अंत: आजम
आजम खां ने कहा कि मोहन सिंह का निधन सशक्त समाजवादी आंदोलन के लिए एक युग के अंत जैसा है। वह समाजवादी परिवार की अमूल्य निधि ही नहीं, नेक इंसान भी थे।
जनेश्वर मिश्र और बृजभूषण तिवारी के बाद मोहन सिंह समाजवादी विचारधारा के सबसे मजबूत स्तंभ थे। आपातकाल में वह मोहन सिंह के साथ बनारस जेल में रहे।
हमारी वैचारिक ताकत और उसकी दिशा एक थी। उन्होंने कहा- हमने एक विनम्र, शालीन, सहनशील और प्रिय साथी खो दिया। उनकी कमी हमेशा महसूस होगी।