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रियायतों के साथ चीनी मिल मालिकों को धमकी भी
राजेंद्र सिंह/लखनऊ
Updated Thu, 28 Nov 2013 09:22 PM IST
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प्रदेश सरकार ने चीनी मिल मालिकों को कुछ रियायतों के साथ धमकी दी है कि अब बातचीत नहीं होगी। मिल चलने की डेट फिक्स कर दी गई है।
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चीनी मिलों में पेराई शुरू कराने के लिए प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को शुगर इंडस्ट्री को प्रवेश कर (एंट्री टेक्स) में छूट देने की घोषणा की है।
इससे चीनी मिलों को 219 करोड़ रुपये का लाभ होगा। कुछ दिन पहले भी गन्ना क्रय कर में दो रुपये प्रति कुंतल की छूट देकर 160 करोड़ की राहत दी जा चुकी है।
प्रमुख सचिव (चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास) राहुल भटनागर ने बताया कि चालू सीजन में प्रदेश की चीनी मिलों को कुल 1545 करोड़ रुपये की रियायतें दी जा चुकी हैं।
इनमें केंद्र से 999 करोड़ और राज्य से 546 करोड़ की राहत शामिल है।
इससे उन्हें गन्ना मूल्य में लगभग 20 रुपये प्रति कुंतल का फायदा मिलेगा। इसके साथ ही सरकार ने गन्ना मूल्य कम करने की चीनी उद्योग की मांग खारिज कर दी है।
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बृहस्पतिवार पत्रकारों से बातचीत में प्रमुख सचिव ने बताया कि चीनी मिलों को पिछले साल की तुलना में लगभग 20 रुपये प्रति कुंतल की राहत दे दी गईं हैं।
केंद्र सरकार ने मई 2013 में लेवी चीनी की व्यवस्था खत्म कर दी। इससे यूपी की शुगर इंडस्ट्री को गन्ना मूल्य के सापेक्ष 10.15 रुपये प्रति कुंतल का लाभ मिलेगा।
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गन्ना क्रय कर में छूट से 160 करोड़ और चीनी पर प्रवेश कर में छूट से 219 करोड़ का लाभ मिलेगा। इनसे क्रमश: दो रुपये और 2.73 रुपये प्रति कुंतल लाभ होगा।
इसी तरह शीरे पर नियंत्रण शिथिल कर दिया गया है। इससे मिलों को 167 करोड़ यानी गन्ना पर 2.40 रुपये प्रति कुंतल लाभ होगा।
केंद्र सरकार से ब्याज उपादान योजना के तहत प्रदेश की चीनी मिलों को 190 करोड़ रुपये बिना ब्याज के मिलेगा। इससे 2.40 रुपये प्रति कुंतल लाभ होगा।
उन्होंने बताया कि सरकार ने तीन माह में चीनी मिलों की वित्तीय स्थिति का आकलन की समीक्षा करने फैसला लिया है। उसी की अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि क्रय कर और प्रवेश कर में छूट का लाभ उन्हीं मिलों को मिलेगा, जो पश्चिमी यूपी में चार दिसंबर तक और अन्य क्षेत्रों में सात दिसंबर तक पहले गन्ना पेराई प्रारंभ कर देंगी। उन्होंने निजी मिलों से तत्काल पेराई प्रारंभ करने की अपील भी की।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में चीनी की कीमतों में गिरावट को देखते हुए राज्य सरकार ने चालू पेराई सत्र में गन्ना मूल्य में कोई वृद्धि नहीं की। इसे पिछले साल के बराबर 280 रुपये प्रति कुंतल रखा गया है।
वार्ता बंद, अब होगी कड़ी कार्रवाई
प्रमुख सचिव (चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास) राहुल भटनागर ने साफ कहा कि चीनी मिल मालिकों से अब कोई वार्ता नहीं होगी।
उन्होंने पश्चिमी यूपी में चार दिसंबर और अन्य क्षेत्रों में सात दिसंबर तक मिलें शुरू करने का अल्टीमेटम दिया है।
मिलें शुरू नहीं की गईं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार अब तक बातचीत के रास्ते खोले हुए थी इसलिए सख्ती नहीं बरती गई थी।
प्रमुख सचिव ने कहा कि 32 लाख किसान परिवारों और दो श्रमिकों समेत प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से शुगर इंडस्ट्री से जुड़े हजारों परिवारों के हितों को ध्यान में रखकर चीनी मिल मालिकों से कई स्तरों पर बातचीत की गई।
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