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Lucknow News: बिना वैध एनओसी के पीएचडी कर एसोसिएट प्रोफेसर पद का लाभ लेने की शिकायत
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लखनऊ विश्वविद्यालय
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में बिना वैध अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के पीएचडी की उपाधि हासिल कर एसोसिएट प्रोफेसर पद का लाभ लेने के आरोप की शिकायत अब राजभवन पहुंच गई है। राज्यपाल सचिवालय ने मामले में विश्वविद्यालय के कुलपति को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सचिवालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
राज्यपाल सचिवालय के कुलाधिपति के विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल. जानी की ओर से 17 अगस्त को लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र भेजा गया है। इसमें लखनऊ निवासी लालजीत अहीर की ओर से राज्यपाल/कुलाधिपति को संबोधित सात जुलाई 2026 के पत्र का हवाला दिया गया है। शिकायत में डॉ. रतन कुमार पर बिना वैध एनओसी के पीएचडी उपाधि प्राप्त कर एसोसिएट प्रोफेसर पद का लाभ लेने का आरोप लगाया गया है। सचिवालय ने शिकायतकर्ता के पत्र की छायाप्रति सभी संलग्नकों सहित विश्वविद्यालय को भेजते हुए मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए कहा है। साथ ही की गई कार्रवाई की आख्या राजभवन सचिवालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में लखनऊ विवि के प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव का कहना है कि यह मामला पहले मेरे संज्ञान मेें नहीं था। राजभवन सचिवालय से जो भी सूचना मांगी गई है उसके संबंध में जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई कर रिपोर्ट जल्द भेजी जाएगी।
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राज्यपाल सचिवालय के कुलाधिपति के विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल. जानी की ओर से 17 अगस्त को लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र भेजा गया है। इसमें लखनऊ निवासी लालजीत अहीर की ओर से राज्यपाल/कुलाधिपति को संबोधित सात जुलाई 2026 के पत्र का हवाला दिया गया है। शिकायत में डॉ. रतन कुमार पर बिना वैध एनओसी के पीएचडी उपाधि प्राप्त कर एसोसिएट प्रोफेसर पद का लाभ लेने का आरोप लगाया गया है। सचिवालय ने शिकायतकर्ता के पत्र की छायाप्रति सभी संलग्नकों सहित विश्वविद्यालय को भेजते हुए मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए कहा है। साथ ही की गई कार्रवाई की आख्या राजभवन सचिवालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में लखनऊ विवि के प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव का कहना है कि यह मामला पहले मेरे संज्ञान मेें नहीं था। राजभवन सचिवालय से जो भी सूचना मांगी गई है उसके संबंध में जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई कर रिपोर्ट जल्द भेजी जाएगी।
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