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दहेज न मिलने पर किया फर्जीवाड़ा, सीएम पोर्टल में शिकायत
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पारा के विक्रमनगर निवासी सुखनंदन मिश्रा ने दहेज न मिलने पर फर्जीवाड़ा करने के आरोपी दामाद विनय कुमार तिवारी और उसके परिवारीजनों के खिलाफ सीएम पोर्टल पर शिकायत की है।
उनका कहना है कि दामाद पर कई केस दर्ज हैं फिर भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। सुखनंदन का कहना है कि उनकी बेटी वंदना की शादी तेलीबाग के खरिका बलदेव विहार निवासी व मूलरूप से अंबेडकरनगर के विनय से मई 2004 में हुई थी।
विनय ने एक निजी कंपनी में क्लर्क और स्नातक बताया था जो झूठ निकला। शादी के बाद वह बेटी पर पांच लाख रुपये दहेज का दबाव बनाने लगा।
रुपया न मिलने पर उसने बेटी के फर्जी हस्ताक्षर कर आरोहन इन्फ्रा नाम से फर्म बनाई। बेटी के नाम से खोले गए बैंक खाते से करोड़ों रुपये का लेनदेन किया।
पीड़ित ने दिसंबर 2019 को विनय, उसके पिता व पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त दिवाकर तिवारी, मां सरोज उर्फ नीना, देवर विनोद उर्फ बंटू, विवेकानंद तिवारी, ननद दीप्ति के अलावा पारा के विक्रमनगर में रहने वाले भगवत मिश्रा और गाजियाबाद के वसुंधरा निवासी लालचंद्र के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व धोखाधड़ी का केस किया था।
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उनका आरोप है कि विनय व उसके परिवारीजनों ने बेटी के जेवर हड़प लिए और उसे छोड़ दिया। उसके खिलाफ वर्ष 2012 में कानपुर के कलक्टरगंज थाना में शस्त्र अधिनियम तथा बीते वर्ष पीजीआई में धोखाधड़ी का केस दर्ज है। पीड़ित ने सीएम पोर्टल पर शिकायत करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
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उनका कहना है कि दामाद पर कई केस दर्ज हैं फिर भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। सुखनंदन का कहना है कि उनकी बेटी वंदना की शादी तेलीबाग के खरिका बलदेव विहार निवासी व मूलरूप से अंबेडकरनगर के विनय से मई 2004 में हुई थी।
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विनय ने एक निजी कंपनी में क्लर्क और स्नातक बताया था जो झूठ निकला। शादी के बाद वह बेटी पर पांच लाख रुपये दहेज का दबाव बनाने लगा।
रुपया न मिलने पर उसने बेटी के फर्जी हस्ताक्षर कर आरोहन इन्फ्रा नाम से फर्म बनाई। बेटी के नाम से खोले गए बैंक खाते से करोड़ों रुपये का लेनदेन किया।
पीड़ित ने दिसंबर 2019 को विनय, उसके पिता व पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त दिवाकर तिवारी, मां सरोज उर्फ नीना, देवर विनोद उर्फ बंटू, विवेकानंद तिवारी, ननद दीप्ति के अलावा पारा के विक्रमनगर में रहने वाले भगवत मिश्रा और गाजियाबाद के वसुंधरा निवासी लालचंद्र के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व धोखाधड़ी का केस किया था।
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उनका आरोप है कि विनय व उसके परिवारीजनों ने बेटी के जेवर हड़प लिए और उसे छोड़ दिया। उसके खिलाफ वर्ष 2012 में कानपुर के कलक्टरगंज थाना में शस्त्र अधिनियम तथा बीते वर्ष पीजीआई में धोखाधड़ी का केस दर्ज है। पीड़ित ने सीएम पोर्टल पर शिकायत करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।