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कपड़े का रंग उड़ा तो कंपनी जिम्मेदार
अतुल भारद्वाज/लखनऊ
Updated Wed, 27 Nov 2013 01:10 AM IST
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सिलाई के बाद अगर सूट या पेंट-शर्ट का कपड़ा खराब निकलता है। इसमें बिक्री करने वाली कंपनी जिम्मेदारी उठाएगी।
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जिला उपभोक्ता फोरम प्रथम ने एक वाद के निस्तारण में अपने आदेश में यह कहा है।
लक्ष्मणपुरी फैजाबाद रोड निवासी अजय वर्मा की पत्नी ज्योति ने उपभोक्ता फोरम प्रथम में शिकायत की थी।
उन्होंने बताया कि इंदिरानगर स्थित स्पेंसर्स रिटेल से 799 रुपये में लेडीज सूट का कपड़ा खरीदा और सिलाई पर 200 रुपये खर्च आया।
सूट को जब पहली बार धोया तो उसका रंग छूट गया।
खुद स्टोर के मैनेजर ने कपड़ा खराब होने की बात स्वीकारी, लेकिन नुकसान की भरपाई से इन्कार कर दिया।
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कंपनी के कस्टमर केयर पर भी शिकायत करने पर यही जवाब मिला।
इसके बाद वादी ने 21 नवंबर 2011 को उपभोक्ता फोरम में शिकायत की।
मामले की सुनवाई अध्यक्ष विजय वर्मा की कोर्ट में हुई। लंबित चल रहे इस मामले को राष्ट्रीय लोक अदालत में रखा गया।
वादी से सुलहनामे के लिए कंपनी ने कोर्ट परिसर में ही सिलाई और कपड़े की कीमत के साथ अतिरिक्त व्यय के लिए 1500 रुपये ग्राहक को भुगतान कर दिया।