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पूर्वांचल और बुंदेलखंड को सौर ऊर्जा से रोशन करने को बढ़े कदम, प्लांट के लिए कंपनी चयनित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 30 Nov 2018 10:12 PM IST
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सोलर पावर प्लांट
- फोटो : अमर उजाला
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बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्र को सौर ऊर्जा से रोशन करने की दिशा में कार्यवाही शुरू हो गई है। अतिरिक्त ऊर्जा विभाग ने दोनों क्षेत्रों में करीब 500 गेगावॉट सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए 10 कंपनियों का चयन किया है। कंपनियां 25 वर्ष तक सौर ऊर्जा उत्पादन और सप्लाई करेगी।
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अतिरिक्त ऊर्जा मंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि सौर ऊर्जा के लिए आमंत्रित टेंडर में टैरिफ आधारित बिडिंग पर प्राप्त निर्धारित कोटेड टैरिफ पर कंपनियों का चयन किया गया है। चयनित कंपनियों को ग्रिड संयोजित पावर परियोजनाओं की स्थापना और टैरिफ की स्वीकृति 25 वर्ष के लिए दी गई है।
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उन्होंने बताया कि परियोजना में बुंदेलखंड और पूर्वांचल में स्थापित परियोजनाओं को निश्चित किलोमीटर तक निर्मित पारेषण लाइन पर व्यय होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार करेगी। उन्होंने बताया कि यूपीनेडा सौर ऊर्जा स्रोतों पर आधारित विद्युत उत्पादन प्रोत्साहन योजना से प्रतिपूर्ति करेगी।
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अतिरिक्त ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि माहेश्वरी माइनिंग एंड एनर्जी प्रा. लिमिटेड हैदराबाद को 20-20 मेगावाट की दो, एनटीपीसी नोएडा 140 और 20 मेगावाट की दो, महोबा सोलर यूपी प्रा. लि. अहमदाबाद को 50-50 मेगावॉट की दो परियोजनाएं स्थापित करेगी।
इनके अतिरिक्त सुखवीर एग्रो एनर्जी प्रा. लि पंजाब, तालुतुत्ई सोलर प्रोजेक्ट फाइव प्रा. लि. इंडन रिन्यूएबल जेसमीन प्रा. लि नई दिल्ली और गिरिराज रिन्यूएबल प्रा. लि नोएडा को 50-50 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं स्थापित करेगी। सौर परियोजना विकासकर्ता द्वारा पारेषण संबंधी निर्माण कार्य का भुगतान सत्यापन के आधार पर प्रति किलोमीटर पारेषण लाइन के निर्माण के अनुसार किया जाएगा।