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इस नियुक्ति पर निगरानी के लिए समिति
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 01 Feb 2014 11:15 AM IST
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प्रदेश में दोबारा रखे जाने वाले रिटायर्ड विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया पर निगरानी रखने को एक समिति बना दी गई है।
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सरकार ने विशेष सचिव स्वास्थ्य डॉ. काजल की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की है।
यह समिति पुनर्नियुक्ति के लिए बने नियमों का कड़ाई से पालन कराएगी।
प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों के काफी पद खाली चल रहे हैं। नए डॉक्टर इतने नहीं मिल पा रहे हैं कि खाली पदों को भरा जा सके।
ऐसे में सरकार ने 65 वर्ष तक की आयु के विशेषज्ञ डॉक्टरों को फिर से रखने का फैसला पिछले दिनों किया था।
चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए एक समिति पहले ही बन चुकी है। इसमें महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं अध्यक्ष होंगे।
इसके अलावा अब एक और समिति बना दी गई है।
विशेष सचिव डॉ. काजल की अध्यक्षता में बनी यह समिति अर्हता के मानक, आवेदन पत्रों का प्रारूप तय करने के अलावा समाचार पत्रों में दिए जाने वाले विज्ञापन का प्रारूप भी निर्धारित करेगी।
समिति में स्वास्थ्य महानिदेशालय के संयुक्त निदेशक कार्मिक, संयुक्त निदेशक प्रशासन, एनआरएचएम निदेशक द्वारा नामित प्रतिनिधि व प्रभारी कंप्यूटर सेल इसके सदस्य होंगे।
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प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रवीर कुमार ने बताया कि एक वर्ष के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी।
सेवा अच्छी रहने पर इसे एक-एक वर्ष के लिए बढ़ाया भी जा सकता है।
पुनर्नियुक्ति केवल विशेषज्ञ डॉक्टरों की ही होगी। इन्हें किसी भी प्रकार का प्रशासकीय पद नहीं दिया जाएगा। नियुक्ति के बाद डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे।
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अगर वे प्राइवेट प्रैक्टिस करते पाए गए तो उनकी पुनर्नियुक्ति समाप्त कर दी जाएगी।