यूपी: वाणिज्यिक बिजली उपभोक्ताओं को मिल सकती है राहत, ऊर्जा मंत्रालय ने खपत का मांगा ब्योरा
केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने प्रदेश के ऊर्जा विभाग व एनटीपीसी से 2020 और 2021 में अप्रैल से जून के बीच बिजली की खपत का तुलनात्मक ब्योरा मांगा है। इसके आधार पर वाणिज्यिक उपभोक्ताओं व छोटे उद्योगों को फिक्स्ड व डिमांड चार्ज में राहत देने का फैसला किया जा सकता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कर्फ्यू से प्रभावित वाणिज्यिक उपभोक्ताओं व छोटे उद्योगों को बिजली के फिक्स्ड चार्ज व डिमांड चार्ज में छूट मिल सकती है। व्यापारियों, उपभोक्ता व औद्योगिक संगठनों की मांग पर राज्य सरकार की ओर से रियायत के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर केंद्र ने सकारात्मक रुख अपनाया है।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने प्रदेश के ऊर्जा विभाग व एनटीपीसी से 2020 और 2021 में अप्रैल से जून के बीच बिजली की खपत का तुलनात्मक ब्योरा मांगा है। इसके आधार पर वाणिज्यिक उपभोक्ताओं व छोटे उद्योगों को फिक्स्ड व डिमांड चार्ज में राहत देने का फैसला किया जा सकता है। पावर कॉर्पोरेशन केंद्र को पूरी मांगी जाने वाली राशि के साथ पूरा ब्योरा भेजने की तैयारी कर रहा है।
एक-दो दिन में प्रस्ताव भेज दिया जाएगा
प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू के दौरान अप्रैल के जून के बीच बाजार, मॉल, होटल-रेस्टोरेंट, सिनेमाघर समेत तमाम वाणिज्यिक प्रतिष्ठान व छोटे उद्योग बंद रहे हैं। इसके कारण इन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद समेत कई व्यापारिक व औद्योगिक संगठनों ने सरकार से बंदी की अवधि में बिजली के फिक्स्ड चार्ज, मिनिमम चार्ज सहित डिमांड चार्ज माफ करने की मांग की है। इन संगठनों की ओर से भेजे गए पत्रों को राज्य सरकार ने केंद्र को भेजकर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया था।
सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय पिछले साल हुए लॉकडाउन की तर्ज पर इस साल कोरोना कर्फ्यू से प्रभावित वाणिज्यिक उपभोक्ताओं व छोटे उद्योगों को राहत देने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। ऊर्जा मंत्रालय के अनु सचिव अनूप सिंह बिष्ट ने प्रदेश के प्रमुख सचिव ऊर्जा व एनटीपीसी के सीएमडी को पत्र भेजकर 2020 व 2021 में अप्रैल, मई व जून में प्रदेश में बिजली उपभोग का तुलनात्मक ब्योरा मांगा है।
केंद्र का पत्र मिलने के बाद पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन दोनों वर्षों के बिजली खपत के आंकड़े तैयार कराने में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि एक दो दिन में केंद्र को सारी जानकारी भेज दी जाएगी। सूत्रों की मानें तो वाणिज्यिक उपभोक्ताओं व छोटे उद्योगों को राहत देने के लिए केंद्र से लगभग 200 करोड़ की मांग की जा सकती है।
व्यापारियों व छोटे उद्यमियों को राहत की उम्मीद
विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि 2020 के लॉकडाउन पर बिजली खपत के फॉर्मूले से प्रदेश को लगभग 343 करोड़ की छूट मिली थी। इस बार कोरोना कर्फ्यू में इसी फॉर्मूले से लगभग 200 करोड़ निकल रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही केंद्र सरकार से इसकी मंजूरी मिल जाएगी। इससे बड़ी संख्या में व्यापारियों व छोटे उद्यमियों को राहत मिलेगी।