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कॉलेजों की संबद्धता में अब नहीं होगा खेल
शैलेंद्र श्रीवास्तव/लखनऊ
Updated Fri, 13 Dec 2013 01:00 PM IST
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प्रदेश में डिग्री कॉलेज खोलने के लिए निजी संस्थानों को अब तय समय में संबद्धता दी जाएगी। सत्र 2014-15 के लिए कैलेंडर जारी कर दिया गया है।
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इसके आधार पर ही विश्वविद्यालयों को आवेदन लेते हुए शासन को भेजना होगा और वहां से अनुमति मिलने के बाद संबद्धता जारी करनी होगी।
प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा नीरज गुप्ता ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।
प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों व कुलसचिवों को भेजे गए शासनादेश में कहा गया है कि विश्वविद्यालय शासन को 30 अप्रैल तथा 31 अक्तूबर तक प्रस्ताव भेजेंगे।
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संबद्धता की पूर्वानुमति के प्रस्तावों पर शासन 15 मई तथा 15 नवंबर तक विचार करेगा। विश्वविद्यालय पहले चरण की 15 जून तथा दूसरे चरण की 15 दिसंबर तक संबद्धता देंगे।
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पहले चरण में संबद्धता पाने के लिए कॉलेजों को विश्वविद्यालय में नए कोर्स के लिए अनापत्ति प्रस्ताव 31 दिसंबर तथा दूसरे चरण के लिए 30 जून तक देना होगा।
31 दिसंबर तक जमा किए गए अनापत्ति प्रस्ताव पर आने वाले शैक्षिक सत्र से संबद्धता देने पर विचार किया जाएगा। 30 जून तक आए प्रस्तावों पर आगामी सत्र से संबद्धता देने पर विचार किया जाएगा।
विश्वविद्यालयों को कॉलेजों के निरीक्षण मंडल गठित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसमें सक्षम स्तर के विषय विशेषज्ञ होंगे तथा एक सदस्य सचिव भी होगा। इसका दायित्व निरीक्षण रिपोर्ट देना होगा।
निरीक्षण के लिए गठित पैनल में एक ही अधिकारी को बार-बार शामिल नहीं किया जाएगा। पैनल में अलग-अलग अधिकारी नामित होंगे, जिससे निरीक्षण में देरी न हो।