फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   cock fight culture in lucknow

मुर्ग़बाज़ी: लखनवी नवाबों का एक अनूठा शौक

Fri, 02 Aug 2013 01:43 PM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 02 Aug 2013 01:43 PM IST
विज्ञापन
cock fight culture in lucknow

एक ही नस्ल के दो जानवरों को आपस में बराबरी से लड़ते हुए देखने का शौक पुराने बादशाहों में बहुत पहले समय से ही चला आ रहा था।

विज्ञापन


लेकिन लखनऊ के नवाबों ने इस तरह के शौक में एक ऐसी कड़ी जोड़ दी, जो इस शहर की नायाब पहचान बन गई।

नवाबों ने एक अनूठी शुरआत करते हुए जानवरों की जगह न सिर्फ परिंदों की कुश्तियां कराईं बल्कि उन पर बाजियां भी लगाईं।

वैसे इस दिलचस्प खेल की शुरुआत के पीछे एक दिलचस्प किस्सा भी जुड़ा है। जानकारों की मानें तो नवाबों के दस्तरख्वान के लिए चिड़ियां पाल कर रखी जाती थीं।

उन चिड़ियों की सेहत ठीक रखने के लिए रसोइए इन्हें चोरी छिपे आपस में लड़ाया करते थे। नवाबों को इसमें दिलचस्पी आई और कुछ इस तरह ये तमाशा उनके शौक में शुमार हो गया।

इहितासकार योगेश प्रवीण अपनी किताब 'आपका लखनऊ' में लिखते हैं कि नवाबी काल में जोफनो नाम का एक प्रसिद्ध विदेशी चित्रकार हुआ है।

उसकी पेंटिंग 'कर्नल मोरडांट की मुर्गबाजी' अपने विषय और प्रस्तुतिकरण के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। कहते हैं अंतिम नवाब वाजिद अली शाह के बाद भी मुर्ग़बाज़ी का शौक लखनऊ के रईस लोगों में चलता रहा और आज भी यह कमोबेस बरकरार है।
विज्ञापन


लड़ाकू मुर्गों में असील मुर्ग बड़े जांबाज और दमदार होते हैं। कहते हैं इनकी चोंच चाकू से तराशी जाती है। बात लखनऊ के मशहूर मुर्ग़बाज़ी की करें, तो इसमें नूरबाड़ी के नवाब घसीटा, ड्योढ़ी आग़ामीर के नजीर अली खां और वजीरगंज के मुगल साहब का नाम लिया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आज भी शहर के नक्खास, ठाकुरगंज, सआदतगंज जैसे इलाकों में मुर्ग़बाजों की रिहाईश है और वे गाहे-बगाहे अपना यह करतब दिखाते रहते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed