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विकसित भारत युवा संसद महोत्सव: CM ने युवाओं का किया स्वागत, बोले-लीक से हटकर करें काम; विकसित होगा नेतृत्व गुण
Fri, 28 Mar 2025 03:34 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Fri, 28 Mar 2025 03:34 PM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवा संसद का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व का गुण विकसित करना है। आप नौकरी, व्यापार, उद्यमी, न्यायिक या प्रशासनिक सेवाओं में जाकर भी सेवा कर सकते हैं। केवल नेता बनकर ही नहीं। लीक से हटकर काम करने से ही आपमें नेतृत्व का गुण विकसित होता है। लकीर का फकीर बनकर काम करने से बचना चाहिए। कानून कोई भी बनाए। संविधान सामने होता है।
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विकसित भारत युवा संसद महोत्सव में बोलते सीएम योगी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी लखनऊ में शुक्रवार से विधान भवन में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में विकसित भारत युवा संसद महोत्सव (VBYPF) का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत अगले दो दिन में 240 युवा विधानसभा में भाषण देंगे। इनमें से तीन सर्वश्रेष्ठ युवा संसद जाएंगे। इसका उद्देश्य 18 से 33 वर्ष के युवाओं की आवाज को सुनना है। साथ ही युवाओं में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना है।
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इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में चुने गए सभी युवाओं का देश की सबसे बड़ी विधायिका में स्वागत किया। प्रधानमंत्री आने वाले समय में भारत में युवाओं की भूमिका को लेकर संकल्पित हैं। वह जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नेतृत्व को विकसित करने का उद्देश्य रखते हैं। 'माय भारत' अभियान पर दो वर्ष से मंथन चल रहा था। आज 240 युवा देश की सबसे बड़ी विधायिका में आए हैं। आपके लिए गौरव की बात है।
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- फोटो : अमर उजाला
लेखपाल से मुख्य सचिव तक जनता की सेवा के लिए
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि संसदीय लोकतंत्र के तीन पिलर विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका से देश का संचालित होता है। विधायिका में अलग-अलग क्षेत्रों से चुने गए जनप्रतिनिधि अपनी बात रखते हैं। सभी के लिए नियम निर्धारित हैं। यहां जो नीति बनती है, वही सरकार के पास जाती है। कार्यपालिका उसे क्रियान्वित करती है। कोई कानून का पालन नहीं कर रहा हो तो उसकी सुनवाई के लिए न्यायपलिका है। लेखपाल से मुख्य सचिव तक प्रशानिक तंत्र जनता के लिए लगा रहता है। तीनों तंत्र एक दूसरे के पूरक हैं। एक नीति बनाता है। दूसरा उसे लागू करता है। तीसरा कोई कमी होने पर उसे दूर करता है।यह भी पढ़ेंः- विकसित भारत युवा संसद महोत्सव: 240 युवा विधान भवन में देंगे भाषण, अध्यक्ष बोले-सीएम योगी मैनेजमेंट के शिल्पकार
आगे बोलते हुए सीएम ने कहा कि ट्रेंड चला कि 'हमारी मांगे पूरी हों... चाहे जो मजबूरी हो'। इस वजह से तमाम समृद्ध शहर का प्रभावित हुए। प्रधानमंत्री ने 25 वर्ष का विजन डॉक्यूमेंट रखा। इसमें विकसित भारत की परिकल्पना साकार की गई। प्रधानमंत्री ने पंच प्रण की शपथ ली। वही पंच प्रण विकास का आधार बनेंगे। नेतृत्व का गुण विकसित करने के लिए आचार-विचार बेहद जरूरी है। आचरण बेहद जरूरी है।
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विकसित भारत युवा संसद महोत्सव में सीएम योगी व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
सीएम ने सुनाई कथा...
सीएम ने कहानी सुनाई कि एक जंगल में दृष्टिबाधित रहता था। जंगल में शिकार की वजह से अंदर चल गया और भटक गया। रास्ते की खोज में लगे सैनिक ने दृष्टिबाधित से पूछा कि क्या किसी मृग को देखा है। उसने कहा कि मैं देख ही नहीं सकता। कुछ देर बाद राजा का मंत्री गुजरा और थोड़ा शालीनता से कहा, क्या किसी को गुजरते देखा है। उसने फिर वही जवाब दिया। कुछ देर बाद राजा पहुंचे।राजा ने प्रणाम कर पूछा कि आप यहां कबसे रह रहे हैं। कैसे आजीविका चलती है। राजा ने भी वही सवाल पूछा तो दृष्टिबाधित ने कहा, हां पहले मृग, फिर सैनिक और मंत्री गुजरे। अब राजा आया है। राजा ने कहा कि आपको कैसे पता कि मैं राजा हूं। उसने कहा कि आपका लहजा बता रहा है। भारत में रिश्तों की अनुपम शृंखला है। भारत को बदनाम यहीं के लोगों ने किया। हमारा शिष्टाचार ही भारत की पहचान है।