फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   cm yogi orders to schools to complete the syllabus in 200 days

सीएम साहब कोर्स पूरा करने को कहां से लाएं 200 दिन

Wed, 05 Apr 2017 03:08 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Wed, 05 Apr 2017 03:08 PM IST
विज्ञापन
cm yogi orders to schools to complete the syllabus in 200 days
सीएम आदित्यनाथ योगी
यूपी के मुख्यमंत्री ने विद्यालयों को साल में 200 दिन कक्षाएं चलाकर कोर्स पूरा करने के आदेश दिए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि अवकाश और परीक्षाएं निपटाने के बाद शिक्षकों के पास कक्षाएं चलाने के लिए 166 दिन ही बचते हैं।
विज्ञापन


सीएम के निर्देशों पर अमल करने के लिए या तो अवकाश को कम करना पड़ेगा या शिक्षिकों विकल्पों की तलाश करनी पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए सोमवार को आदेश दिया कि सभी विद्यालयों के शिक्षक साल भर में 200 कार्य दिवसों में कक्षाओं के सिलेबस को पूरा कर दें, ताकि छात्र परीक्षा से पहले ही कोर्स की अच्छी तरह तैयारी कर सकें।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री के इस आदेश के पीछे यह भी उद्देश्य है कि यदि विद्यालयों में सिलेबस सही समय पर पूरा होंगे तो छात्रों की कोचिंग संस्थानों पर निर्भरता कम होगी। लेकिन विद्यालयों की जो शैक्षणिक संरचना है, उसमें यह आदेश फलीभूत होता नहीं दिख रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

परीक्षाओं के ‌द‌िन को कम करने की जरूरत

cm yogi orders to schools to complete the syllabus in 200 days
डेमो

शासन की तरफ से माध्यमिक विद्यालयों के लिए 365 दिनों में से 139 दिन का अवकाश निर्धारित है। इसमें सभी त्योहार, रविवार और ग्रीष्मकालीन अवकाश शामिल हैं। शासन ने पहले से ही बचे 226 कार्य दिवसों में सिलेबस पूरा करने का निर्देश दे रखा है।

लेकिन इस कार्य दिवस में भी अर्द्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षाएं संचालित करने में एक महीने का समय लग जाता है। इसी तरह बोर्ड परीक्षा कराने में एक माह का वक्त लग जाता है।

ऐसे में शिक्षकों के पास केवल 166 दिन ही कक्षाएं चलाने के लिए बचते हैं। शिक्षकों के अनुसार शासन को चाहिए कि विद्यालयों के अवकाश तो कम करना ही चाहिए साथ ही बोर्ड परीक्षा की समय सारिणी ऐसी बनाई जाए, जिससे कम समय में ही निपटाई जा सके।

‘शासन की तरफ से 226 दिन निर्धारित हैं, कोर्स को पूरा कराने में। लेकिन उसमें से भी अर्द्घवार्षिक, वार्षिक और बोर्ड परीक्षा को निपटाने में करीब दो महीने का समय खर्च हो जाता है। ऐसे में परीक्षाओं के दिन और अवकाश को कम करने की जरूरत महसूस होती है।’ - डॉ. आरपी मिश्र, प्रदेशीय प्रवक्ता व मंत्री, उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed