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अमित शाह के दौरे का तुरंत दिखा असर, सीएम ने कसे मंत्रियों, अफसरों के पेंच

Tue, 01 Aug 2017 01:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 01 Aug 2017 01:54 AM IST
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CM yogi meeting in Lucknow after Amit Shah departure.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के तीन दिन के दौरे का असर तुरंत ही नजर आया। शाह के दिल्ली रवाना होते ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार शाम मंत्रियों और अफसरों को बुलाकर खूब पेंच कसे। मंत्रियों को सख्त चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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योगी ने कुछ मंत्रियों के परिवारीजनों द्वारा कामकाज में दखल पर भी इशारों ही इशारों में चेतावनी दी। कहा, बहुत हो चुका, अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। तबादलों सहित सभी कामों में पारदर्शिता होनी ही नहीं दिखनी भी चाहिए।
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अपराध पर जीरो टॉलरेंस
योगी ने कहा कि अब कानून-व्यवस्‍था पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अपराधियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार होगा। जो अधिकारी कानून-व्यवस्‍था पर शिकंजा नहीं कस पाएंगे, उन पर भी कार्रवाई होगी। हर हाल में कानून-व्यवस्‍था को दुरुस्त बनाया जाएगा।

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दो-दो मंत्री सुनेंगे 12-12 विधायकों की समस्याएं

CM yogi meeting in Lucknow after Amit Shah departure.

बैठक में फैसला किया गया कि अब दो-दो मंत्री 12-12 विधायकों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित कराएंगे। प्रभारी मंत्री जिलों में संगठन और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।

मंत्रियों की रिपोर्ट पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विधायकों के प्रोटोकॉल का भी सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा। अमित शाह की भाजपा व संघ के तमाम संगठनों की बैठक में यह बात उभरकर आई थी कि अधिकारी व कुछ मंत्री विधायकों को तवज्जो नहीं दे रहे हैं। कार्यकर्ताओं की बात भी नहीं सुनी जा रही है।

विधायकों की नाराजगी दूर करने के लिए योगी ने नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। अब 11 से 12 विधायकों के अलग-अलग समूह बनाए जाएंगे। उन्हें दो-दो मंत्रियों से संबद्ध किया जाएगा। इनमें आमतौर पर एक कैबिनेट और एक राज्यमंत्री होगा।

विधायक अपनी सभी समस्याएं मंत्रियों के सामने रखेंगे। मंत्री महीने में कम से कम एक बार उनके साथ बैठक जरूर करेंगे। वे विधायकों की समस्याओं का समाधान कराएंगे।

प्रभारी मंत्रियों की जिम्मेदारी बढ़ाई

CM yogi meeting in Lucknow after Amit Shah departure.

योगी आदित्यनाथ ने जिलों के प्रभारी मंत्रियों की जिम्मेदारी और बढ़ा दी है। अब वे अपने प्रभार वाले जिलों में अधिकारियों के साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं से भी मिलेंगे। जिला स्तर पर संगठन व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तालमेल बनाएंगे। जिला स्तर के तबादलों व अन्य समस्याओं का निपटारा भी वही कराएंगे। वे थाना व तहसील दिवसों पर नजर रखेंगे।

मंत्रियों की रिपोर्ट होगी कार्रवाई का आधार
सीएम ने कहा, प्रभारी मंत्री की रिपोर्ट पर अब अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि वे अफसर की लापरवाही या भ्रष्टाचार के सुबूत देंगे तो तत्काल कार्रवाई होगी अन्यथा उनकी शिकायतों की दो दिन में जांच कराकर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

विधायकों के प्रोटोकॉल का सख्ती से हो पालन
सीएम ने बैठक में मौजूद मुख्य सचिव राजीव कुमार, प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार और डीजीपी सुलखान सिंह को निर्देश दिए कि विधायकों के प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन कराया जाए। इसके लिए संबंधित अफसरों को हिदायत दे दी जाए। लापरवाह, भ्रष्ट व निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

समूह में अलग-अलग जिलों के विधायक होंगे

CM yogi meeting in Lucknow after Amit Shah departure.

योगी ने कहा कि 11 या 12 विधायकों के जो समूह बनाए जाएंगे, उनमें अलग-अलग जिलों के विधायक होंगे। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि एक ही जिले या क्षेत्र के विधायक किसी खास मुद्दे पर पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर लामबंदी न कर सकें।

सोमवार, मंगलवार को दफ्तरों में मिलेंगे मंत्री
मंत्रियों को यह भी निर्देश दिए गए कि विधायक और आम लोगों से निर्धारित दिवसों में अपने कार्यालय में मिलें। सोमवार को विधायकों और मंगलवार को आम जनता से मिलें। अन्य दिनों में अपने आवास और क्षेत्र में मिलें। निर्धारित दोनों दिन मंत्री अपनी उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि विधायकों व आमजन को मंत्रियों के दफ्तरों के चक्कर बार-बार न काटने पड़ें।

थानों में मनाई जाएगी जन्माष्टमी
योगी ने कहा, थानों में जन्माष्टमी मनाने की परंपरा फिर शुरू की जाए। पिछली सरकारों में यह परंपरा बंद हो गई थी। जन्माष्टमी मनाने की शुरुआत इसी साल से हो जाएगी। इस निर्देश को भाजपा सरकार के एजेंडे से जोड़कर देखा जा रहा है।

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