फर्रुखाबाद बंधक प्रकरण: सीएम योगी ने बच्चों, अभिभावकों और पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित
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मुख्यमंत्री ने कहा, 30 जनवरी को जब बच्चों को बंधक बनाने की सूचना मिली थी, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चिंतित हो गए थे। उन्होंने फोन पर बात कर सहयोग की पेशकश की। जब केंद्र से एनएसजी की मांग की तो महज आधे घंटे में अनुरोध पर अमल शुरू हो गया और तत्काल एनएसजी को रवाना कर दिया गया। कार्यक्रम में डीजीपी हितेश अवस्थी, कानपुर के आईजी मोहित अग्रवाल और फर्रुखाबाद में ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम मौजूद थी।
सिलेंडर बम का तार काटकर बच्चों की जान बचाने वाली अंजलि का टैबलेट देकर सम्मान
मुख्यमंत्री ने घटना के दौरान सिलेंडर बम का तार काट सभी बच्चों की जान बचाने वाली 13 साल की अंजलि को 51 हजार रुपये दिए जाने की घोषणा के साथ ही टैबलेट देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना में घायल ग्रामीणों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। इसके लिए 50 हजार रुपये दिए जाने की घोषणा भी उन्होंने की।
सिरफिरे की मानसिकता पता चलने पर बढ़ गई थी चुनौती
घटना के दिन को याद करते हुए सीएम ने कहा, घटना का पता चलते ही अपर मुख्य सचिव और डीजीपी से इसकी विस्तृत जानकारी ली। संकट प्रबंधन की दृष्टि से अधिकारियों को तत्काल बुलाया और रात 8 बजे से लगातार अलग-अलग स्तर से जानकारी लेते रहे। पहले यह पता नहीं था कि कितने बच्चों को बंधक बनाया गया है और इसका क्या कारण है।
जब ये बातें साफ हो गईं और पता चला कि बंधक बनाने वाला व्यक्ति दुर्भावना के कारण गांव में भारी नुकसान पहुंचा सकता है, तब चुनौती बढ़ गई थी। उधर, मीडिया कवरेज से पूरे देश के लोग इससे चिंतित हो गए थे। सीएम ने बताया कि पहले मौके पर एटीएस को रवाना किया गया।
इसी दौरान गृह मंत्री अमित शाह से भी संपर्क हुआ और उनके प्रयास से एनएसजी वहां घटनास्थल के लिए भेजे गए। इधर, आईजी रेंज पहले ही घटनास्थल की ओर रवाना हो चुके थे। इसी दौरान फर्रुखाबाद के अधिकारियों से कहा गया कि वे अपराधी से संवाद स्थापित करें। इसका परिणाम था कि अपराधी ने छह माह की एक बच्ची को बाहर भेजा। बंधक प्रकरण को खत्म कराने में प्रशासन, पुलिस, जनता और जनप्रतिनिधि के बीच बेहतर समन्वय रहा, जो एक अच्छा उदाहरण है।
बदलेगी गांव की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरोपी दंपती सुभाष बाथम व रूबी की सालभर की बेटी गौरी की परवरिश की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है। उसे कन्या सुमंगला योजना के तहत सुविधाएं दी जाएंगी। गौरी के नाम पर एक निश्चित राशि बैंक में जमा की जाएगी ताकि आजीवन बच्ची का खर्चा चलता रहे। मुख्यमंत्री ने अन्य बच्चियों को भी कन्या सुमंगला योजना का लाभ देने के निर्देश दिए हैं।