कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए कमजोर कर रहे कोरोना की लड़ाई, उन्हें जनता खुद देगी जवाब: योगी
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कोरोना संकट के दौरान विपक्ष के हमलों का करारा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि घोटाले करने वाले बौखला गए हैं कि गरीबों के खाते में पैसा कैसे पहुंच गया?
सीएम ने विपक्ष पर वैश्विक महामारी की इस घड़ी में भी राजनीति से बाज न आने का आरोप लगाया। कोरोना के खिलाफ लड़ाई को तथ्यहीन बातों और भ्रामक प्रचार से कमजोर करने वाले विपक्ष की कोशिशों को जनता सफल नहीं होने देगी।
समय आने पर कड़ा जवाब भी देगी। सीएम ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कोरोना के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। पर, विपक्ष निहित स्वार्थ में विपदा पर भी राजनीति कर रही है।
विपक्ष की परेशानी का कारण वह समझ सकते हैं। जो लोग अपने शासनकाल में कामगार, गरीब, मजबूर, निराश्रित और महिलाओं के कल्याणकारी योजनाओं की धनराशि हड़प कर जाते थे, वही आज गरीबों के खाते में धनराशि पहुंचने पर बौखला रहे हैं।
तीन दिनों में 50 हजार श्रमिक आए वापस
योगी ने कहा कि सरकार सबकी चिंता कर रही है। प्रदेश से बाहर दूसरे राज्यों में काम करने वाले मजदूरों के सुख-दुख का भी ध्यान रखा जा रहा है। प्रवासी मजदूरों को क्वारंटीन, कम्युनिटी और शेल्टर होम तक पहुंचाया जा रहा है।
सभी को अनाज देकर परिवहन निगम की दस हजार से अधिक बसें लगाकर घर पहुंचाया जा रहा है। सरकार 6.50 लाख से अधिक कामगारों व श्रमिकों को वापस ला चुकी है।
बीते तीन दिनों में ही 50 हजार से अधिक कामगार व श्रमिक यूपी में वापस लौटे हैं। इन सभी को क्वारंटीन सेंटर ले जाकर आवश्यक स्वास्थ्य परिक्षण के बाद सरकारी वाहन से घर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
सीएम ने ये आंकड़े समाने रखकर दिया जवाब
- 2.34 करोड़ किसानों के खाते में दो-दो हजार रुपये की पहली किस्त अप्रैल में और दूसरी किस्त इसी माह भेजी जा रही है।
- 3.26 करोड़ महिलाओं के जनधन खाते में अब तक 3260 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।
- करीब डेढ़ करोड़ लोगों को नि:शुल्क रसोई गैस सिलेंडर दिए गए हैं।
- 18 करोड़ गरीबों को दो बार नि:शुल्क अनाज दिया जा चुका है और तीसरी बार मिलने जा रहा है।
- 30 लाख से अधिक गरीबों को एक हजार रुपये भरण-पोषण भत्ता और नि:शुल्क अनाज दिया है।
- मनरेगा मजदूरों को बढ़े हुए पारिश्रामिक से भुगतान किया गया है।
- 88 लाख से अधिक पेंशन धारकों को दो महीनों की धनराशि एडवांस उपलब्ध करा दी गई है।
- 50 हजार से अधिक लेवल-एक, लेवल-दो और लेवल-तीन के अस्पतालों को तैयार करने का काम कर दिया है।