फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   CM Yogi Adityanath launched a book on veer savarkar.

Veer Savarkar: मुख्यमंत्री योगी बोले- सावरकर की दृष्टि ही बचाएगी देश को विभाजन से

Sun, 29 May 2022 12:17 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 29 May 2022 12:17 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के लिए किए गए वीर सावरकर के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उन्होंने 'वीर सावरकर' पुस्तक का लोकार्पण किया।

विज्ञापन
CM Yogi Adityanath launched a book on veer savarkar.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वीर सावरकर का जीवन देश के लिए समर्पित था। उन्होंने हमेशा देश को पहले माना। सावरकर की दृष्टि ही भारत को फिर से विभाजन की त्रासदी से बचा सकती है। इसलिए उनके जीवन से जुड़ी पुस्तक को हर पुस्तकालय में रखा जाना चाहिए। हर विश्वविद्यालय में उस पर शोध होना चाहिए। मुख्यमंत्री शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में वीर सावरकर की जयंती पर उदय माहुरकर व चिरायु पंडित की पुस्तक ‘वीर सावरकर-जो भारत का विभाजन रोक सकते थे और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा दृष्टि’ के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि सावरकर की दृष्टि, क्रांतिकारी अभियानों, कविताओं व लेखन पर व्यापक शोध की आवश्यकता है। उन्होंने ही हिंदुत्व शब्द दिया था। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी सावरकर पर शोध जरूर करेंगे। वहीं उन्होंने कांग्रेस पर आजादी के बाद वीर सावरकर को सम्मान न देने और अपमान करने का आरोप लगाया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पोर्ट ब्लेयर की सेलुलर जेल में सावरकर की स्मृतिका बनवाई तो कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार ने उसे वहां से हटाकर अपमानित करने का प्रयास किया। इतना ही नहीं कांग्रेस ने सुभाष चंद्र बोस, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, सरदार बल्लभ भाई पटेल जैसे कई राष्ट्रनायकों का भी अपमान किया है। अमृत महोत्सव के समय में इस देश ने कांग्रेस को उसके कृत्यों की सजा दी है। यह देश हर गद्दारी करने वाले को सजा देगा।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि वीर सावरकर ने हिंदुत्व शब्द दिया था। उनकी तुलना जिन्ना से की गई तो उन्होंने कहा कि जिन्ना की दृष्टि संकुचित है। वह सिर्फ मुस्लिम व भारत विभाजन की बात करता है, जबकि वह खुद भारत को अविभाज्य रखने की बात करते हैं। वह सबके लिए समान कानून चाहते थे। विभाजन की बात पर उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान आएंगे-जाएंगे लेकिन हिंदुस्तान हमेशा रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यमंत्री वीर सावरकर के गोरक्षपीठ से रहे रिश्तों को याद किया। उन्होंने कहा कि सावरकर की समान दृष्टि का नतीजा ही है कि प्रदेश में सभी धर्म अपने परिसर में पूजा कर रहे। सड़क पर पूजा या नमाज नहीं हो रही। सावरकर की दृष्टि के चलते ही कश्मीर मुख्यधारा में आ गया है। अयोध्या का विवाद भी सुलझ गया। कार्यक्रम को पुस्तक के लेखक व देश के सूचना आयुक्त उदय माधुरकर व सह लेखक चिरायु पंडित ने भी संबोधित किया। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के साथ ही कई विशिष्ट जन, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल व अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed