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सीएम योगी ने 37 गोदामों का किया शिलान्यास, बोले- किसानों को फल-सब्जी मंडियों में भी मिले गोदामों की सुविधा
Wed, 26 Aug 2020 10:52 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 26 Aug 2020 10:52 AM IST
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सीएम योगी ने 37 गोदामों का शिलान्यास किया
- फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने और उसे दोगुना करने के लिए संकल्पबद्ध है। इसके लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग के अंतर्गत राज्य भंडारण निगम से प्रदेश के 27 जिलों की मंडियों में बनने वाले 5000-5000 टन की क्षमता के 37 गोदाम किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करेंगे।
किसान इन गोदामों में सुरक्षित अनाज रखकर उसे लाभकारी मूल्य पर बेच सकेंगे। मुख्यमंत्री यहां 27 जिलों की मंडियों में बनने वाले 37 गोदामों का ई-शिलान्यास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य भंडारण निगम और मंडी परिषद को फल-सब्जी मंडियों में भी ऐसे गोदाम बनवाना चाहिए, जिससे फल व सब्जी वाले किसानों को भी अपने उत्पादों को मंडियों में सुरक्षित रखने की सुविधा मिल सके। कोरोना काल में प्रदेश सरकार अन्नदाता किसानों के हित में नई-नई योजनाओं को लेकर आगे बढ़ रही है। गोदामों का शिलान्यास इसका जीता-जागता उदाहरण है।
प्रतिस्पर्धा के लिए निजी क्षेत्र भी मंडी क्षेत्र में आमंत्रित
मुख्यमंत्री ने कहा कि न केवल राज्य भंडारण निगम बल्कि आवश्यकता पड़ने पर मंडी परिषद को भी कोल्ड स्टोरेज सहित अत्याधुनिक भंडारण क्षमता बढ़ानी चाहिए। किसानों को केवल अनाज मंडी में नहीं बल्कि फल एवं सब्जी मंडियों में भी ऐसी सुविधा देनी चाहिए, जिससे किसान अपने उत्पाद को कुछ दिनों तक सुरक्षित रख सके।
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किसान इन गोदामों में सुरक्षित अनाज रखकर उसे लाभकारी मूल्य पर बेच सकेंगे। मुख्यमंत्री यहां 27 जिलों की मंडियों में बनने वाले 37 गोदामों का ई-शिलान्यास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य भंडारण निगम और मंडी परिषद को फल-सब्जी मंडियों में भी ऐसे गोदाम बनवाना चाहिए, जिससे फल व सब्जी वाले किसानों को भी अपने उत्पादों को मंडियों में सुरक्षित रखने की सुविधा मिल सके। कोरोना काल में प्रदेश सरकार अन्नदाता किसानों के हित में नई-नई योजनाओं को लेकर आगे बढ़ रही है। गोदामों का शिलान्यास इसका जीता-जागता उदाहरण है।
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प्रतिस्पर्धा के लिए निजी क्षेत्र भी मंडी क्षेत्र में आमंत्रित
मुख्यमंत्री ने कहा कि न केवल राज्य भंडारण निगम बल्कि आवश्यकता पड़ने पर मंडी परिषद को भी कोल्ड स्टोरेज सहित अत्याधुनिक भंडारण क्षमता बढ़ानी चाहिए। किसानों को केवल अनाज मंडी में नहीं बल्कि फल एवं सब्जी मंडियों में भी ऐसी सुविधा देनी चाहिए, जिससे किसान अपने उत्पाद को कुछ दिनों तक सुरक्षित रख सके।
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किसानों के हित में होने वाले कामों का अध्ययन करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन गोदामों का शिलान्यास वर्ष 2018 में मंडी समिति और राज्य भंडारण निगम के बीच हुए एमओयू के सिलसिले में हुआ है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि देश और दुनिया में जहां भी किसानों के हितों में कार्य हो रहे हैं, उनका अध्ययन किया जाए। इससे प्रदेश के किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए अन्य जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे। सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है। कोरोना काल में कृषि ही ऐसा क्षेत्र था, जिसने पूरी सक्रियता के साथ कार्य किया।
यहां बनेंगे गोदाम
झांसी में चार, बलिया, बहराइच, फतेहपुर, जालौन, कानपुर देहात, रामपुर, बदायूं और बस्ती में दो-दो तथा गाजीपुर कानपुर नगर, अमरोहा, बिजनौर, बरेली, पीलीभीत, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, महोबा, बांदा, हमीरपुर, मिर्जापुर, भदोही, फर्रूखाबाद, औरैया, रायबरेली व कौशांबी में एक-एक गोदाम बनेगा। इन पर 187.32 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
यहां बनेंगे गोदाम
झांसी में चार, बलिया, बहराइच, फतेहपुर, जालौन, कानपुर देहात, रामपुर, बदायूं और बस्ती में दो-दो तथा गाजीपुर कानपुर नगर, अमरोहा, बिजनौर, बरेली, पीलीभीत, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, महोबा, बांदा, हमीरपुर, मिर्जापुर, भदोही, फर्रूखाबाद, औरैया, रायबरेली व कौशांबी में एक-एक गोदाम बनेगा। इन पर 187.32 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।