Sitapur: मुख्यमंत्री योगी बोले- अयोध्या से बेहतर बनेगी नैमिष नगरी, विकास में नहीं आएगी धन की कमी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों से स्वच्छता कार्यक्रमों में शामिल होने का आह्वान किया और सीतापुर को 550 करोड़ की विकास परियोजनाओं का तोहफा दिया।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संतों से नैमिषारण्य के विकास को लेकर विचार विमर्श किया। इस दौरान संत समाज ने आग्रह किया कि आधुनिकता के साथ प्राचीनता के संगम की झलक नैमिषारण्य में दिखे। यहां रेल कनेक्टिविटी संग हवाई मार्ग व सड़क मार्ग तक पहुंचना सुगम बनाया जाए। नैमिषारण्य क्षेत्र में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को भव्यता का एहसास हो।
इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या से भी बेहतर ढंग से नैमिषारण्य का विकास कराया जाएगा। यह डबल इंजन की सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने संत समाज से कहा कि नैमिष तीर्थ के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
तपोस्थली का ऐसा कायाकल्प किया जाएगा कि यह क्षेत्र विश्व पटल पर उभरेगा। इसे धर्म, अध्यात्म व पर्यटन का हब बनाया जाएगा। यहां के लोगों के लिए एक शानदार पुनर्वास योजना और मंदिरों के लिए विशेष योजना बनाकर काम होगा। उन्होंने कहा कि देश विदेश से लोग नैमिषारण्य आना चाह रहे हैं।
जिस तरह अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी, ठीक उसी तर्ज पर नैमिषारण्य में आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे। यहां आने वाले आगंतुकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें, इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज मेरा यह सौभाग्य है कि जिस तीर्थ की महिमा का रामचरित मानस जैसे पौराणिक ग्रन्थ में उल्लेख है। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान 'स्वच्छता ही सेवा' के माध्यम से स्वच्छांजलि देने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। ऋषि मुनियों ने आध्यात्मिक साधना से जो धरोहर दी। इस पौराणिक तीर्थ में चक्रतीर्थ व मां ललिता देवी के दर्शन किए। यह महर्षि दधीचि के त्याग व बलिदान की धरती है।
88 हजार ऋषियों को 18 पुराणों की कथा सुनाकर भारत की वेदों की परंपरा को आगे बढ़ाया गया था। यहां पर जहां-तहां बिखरे तीर्थ पौराणिक महत्व के प्रतीक हैं। उपेक्षा के कारण यहां का विकास ही नहीं हुआ। आज डबल इंजन की सरकार नैमिष तीर्थ के विकास को एक अभियान के रूप में आगे बढ़ा रही है। मैं इस अवसर पर इस तीर्थ को नमन करता हूं। आज नैमिष तीर्थ चमक रहा है। हमें इसे साफ करना चाहिए। हम सबकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को नैमिषारण्य में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिले को 550 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात दी।
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जबसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान को जनांदोलन बनाया है तबसे मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू और कालाजार सभी बीमारियां समाप्ति की ओर जा रही हैं। वहीं, हर गरीब के लिए 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा का कवर एक वरदान है। सीतापुर में पीएम आवास योजना के तहत 2,34,800 से अधिक परिवारों को आवास मिला। आजादी के पहले दशक में मकान मिलना चाहिए था लेकिन तब नहीं दिया। गरीब कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों को बिना भेदभाव के दिया जा रहा है। कुछ ही दिनों के बाद नैमिषारण्य को हेलीकॉप्टर की योजना से भी जोड़ने जा रहें हैं।
लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था करेगी सरकार, कोई नहीं उजड़ेगा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था करेगी। कोई नहीं उजड़ेगा। पहले की तुलना में सबकी आमदनी कई गुना बढ़ जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें तीर्थ की स्वच्छता पर ध्यान देना होगा। गोमती मां गंगा से भी प्राचीन नदी है। गोमती को साफ रखना हमारा दायित्व होना चाहिए। तीर्थ को स्वच्छ बनाये रखें। कहीं गंदगी न हो इसका ध्यान रखें। हमें प्लास्टिक मुक्त भारत की ओर जाना होगा। प्लास्टिक की वैकल्पिक व्यवस्था का प्रयोग करें।
प्रतिदिन एक घंटा स्वच्छता के लिए दें
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्वच्छांजलि कार्यक्रम के तहत पूज्य बापू की जयंती पर हम सबका दायित्व है कि हम प्रतिदिन एक घंटा स्वच्छता के लिए दें। इस अवसर पर सफाईकर्मियों को सम्मान मिलना चाहिए। सफाई कर्मचारी को न्यूनतम वेतन की गारंटी सरकार देगी। हमने इसके लिए एक कमेटी गठित की है। जो इस काम को देखेगी। इसकी रिपोर्ट पर काम होगा। जनसुविधाओं के विकास के लिए चौड़ी सड़कें, अच्छ होटल और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि 88 हजार ऋषियों की प्रतिकृति भी स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सभी से गोमती नदी को स्वच्छ रखने की अपील की और कहा कि स्वच्छता व सेवा के इस कार्यक्रम को जारी रखें।