{"_id":"6045c83d8ebc3ec4be1bd89d","slug":"cm-yogi-adityanath-honours-women-on-international-womens-day","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री योगी ने किया शिक्षित होने का आह्वान, कई परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री योगी ने किया शिक्षित होने का आह्वान, कई परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण
Mon, 08 Mar 2021 09:43 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 08 Mar 2021 09:43 PM IST
विज्ञापन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वालंबन के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं का साकारात्मक परिणाम तभी सामने आएगा, जब इसमें जनसहभागिता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज जब मिलकर काम करेंगे तो महिलाओं की समस्याओं का समाधान स्वत: हो जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज में आधी आबादी के साथ भेदभाव व बर्बरता एक प्रमुख समस्या है। समाज के सभी वर्गों को साथ लेकरं चलने से ही इसका समाधान होगा। समाज जब भी अपनों के साथ भेदभाव करता है तो नेपाल जैसी माओवाद की समस्या सामने खड़ी हो जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा शिक्षा को महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सबसे मजबूत आधार बताया।
मुख्यमंत्री अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्जवलन के साथ ही ‘मिशन शक्ति’ अभियान के दूसरे चरण की भी शुरूआत की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं व बेटियों के उत्थान व स्वालंबन और सुरक्षा के लिए बहुत से काम किए हैं। मिशन शक्ति भी सरकार की उन कोशिशों का ही हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पहले सिर्फ औपचारिता निभाने के लिए ही महिला दिवस मनाए जाते थे, लेकिन अब औपचारिकताओं से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता है। इसलिए सरकार ने समयबद्ध और साकारात्मक सोच के साथ कई योजनाओं को शुरू किया है। उन्होंने सभी सामाजिक, व्यावसायिक एवं स्वयंसेवी संगठनों से भी नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन के साथ जुड़कर उनके सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा महिला सशक्तीकरण का सबसे मजबूत आधार है। इसलिए सरकार ने महिलाओं की शिक्षा को लेकर काफी काम किए हैं। कायाकल्प योजना के तहत प्राइमरी स्कूलों को कानवेंट स्कूल की तरह तैयार किया गया है। अब तक 93 हजार विद्यालयों को पब्लिक स्कूल में तब्दील किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि स्कूल चलो अभियान का भी बहुत फायदा मिला है। उन्होने कहा कि तीन साल में 54 लाख बच्चों को स्कूल भेजा गया है। महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा व आत्मनिर्भरता के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आधी आबादी को बराबरी का दर्जा देने के लिए कई कार्यक्रम चला रही है। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है। जब तक महिलाएं जागरूक नहीं होंगी तब तक योजनाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पाएंगी।
विज्ञापन
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला वाथम, मुख्य सचिव आरके तिवारी, पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण व वित्त एस. राधा चौहान समेत कई अधिकारी मौजूद थे। आईजी लखनऊ लक्ष्मी ने सिंह ने संचालन किया। कार्यक्त्रस्म के दौरान सूचना विभाग द्वारा निर्मित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गयी। फिल्म के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षाए सम्मान व सशक्तीकरण के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की जानकारी दी गयी। अपर पुलिस महानिदेशक महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन नीरा रावत ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
कई योजनाओं का हुआ शुभारंभ व लोकार्पण
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 22 करोड़ 13 लाख 25 हजार की लागत से बने 13 बालिका छात्रावासों और 15 करोड़ 10 लाख 79 हजार की लागत से तैयार 4 राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का लोकार्पण किया। जबकि सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश ज्ञान सुधा मिश्रा ने 18 पुलिस परिक्षेत्रीय कार्यालयों में महिला साइबर क्राइम सेल और जिलों के थाने के समकक्ष महिला पुलिस चौकीपरामर्श केन्द्र का लोकार्पण किया। इसके अलावा इंडियन बैंक की सीईओ एवं प्रबन्ध निदेशक पद्मजा चुन्दुरु ने सेफ सिटी परियोजना के अन्तर्गत लखनऊ सिटी में स्थापित 45 पिंक बूथ,18 पिंक शौचालय और 660 स्ट्रीट लाइट का लोकार्पण एवं नवीन आशा ज्योति केन्द्र भवन का शिलान्यास किया।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्जवलन के साथ ही ‘मिशन शक्ति’ अभियान के दूसरे चरण की भी शुरूआत की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं व बेटियों के उत्थान व स्वालंबन और सुरक्षा के लिए बहुत से काम किए हैं। मिशन शक्ति भी सरकार की उन कोशिशों का ही हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पहले सिर्फ औपचारिता निभाने के लिए ही महिला दिवस मनाए जाते थे, लेकिन अब औपचारिकताओं से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता है। इसलिए सरकार ने समयबद्ध और साकारात्मक सोच के साथ कई योजनाओं को शुरू किया है। उन्होंने सभी सामाजिक, व्यावसायिक एवं स्वयंसेवी संगठनों से भी नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन के साथ जुड़कर उनके सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा महिला सशक्तीकरण का सबसे मजबूत आधार है। इसलिए सरकार ने महिलाओं की शिक्षा को लेकर काफी काम किए हैं। कायाकल्प योजना के तहत प्राइमरी स्कूलों को कानवेंट स्कूल की तरह तैयार किया गया है। अब तक 93 हजार विद्यालयों को पब्लिक स्कूल में तब्दील किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि स्कूल चलो अभियान का भी बहुत फायदा मिला है। उन्होने कहा कि तीन साल में 54 लाख बच्चों को स्कूल भेजा गया है। महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा व आत्मनिर्भरता के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आधी आबादी को बराबरी का दर्जा देने के लिए कई कार्यक्रम चला रही है। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है। जब तक महिलाएं जागरूक नहीं होंगी तब तक योजनाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पाएंगी।
विज्ञापन
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला वाथम, मुख्य सचिव आरके तिवारी, पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण व वित्त एस. राधा चौहान समेत कई अधिकारी मौजूद थे। आईजी लखनऊ लक्ष्मी ने सिंह ने संचालन किया। कार्यक्त्रस्म के दौरान सूचना विभाग द्वारा निर्मित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गयी। फिल्म के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षाए सम्मान व सशक्तीकरण के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की जानकारी दी गयी। अपर पुलिस महानिदेशक महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन नीरा रावत ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
कई योजनाओं का हुआ शुभारंभ व लोकार्पण
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 22 करोड़ 13 लाख 25 हजार की लागत से बने 13 बालिका छात्रावासों और 15 करोड़ 10 लाख 79 हजार की लागत से तैयार 4 राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का लोकार्पण किया। जबकि सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश ज्ञान सुधा मिश्रा ने 18 पुलिस परिक्षेत्रीय कार्यालयों में महिला साइबर क्राइम सेल और जिलों के थाने के समकक्ष महिला पुलिस चौकीपरामर्श केन्द्र का लोकार्पण किया। इसके अलावा इंडियन बैंक की सीईओ एवं प्रबन्ध निदेशक पद्मजा चुन्दुरु ने सेफ सिटी परियोजना के अन्तर्गत लखनऊ सिटी में स्थापित 45 पिंक बूथ,18 पिंक शौचालय और 660 स्ट्रीट लाइट का लोकार्पण एवं नवीन आशा ज्योति केन्द्र भवन का शिलान्यास किया।
11 महिलाओं को किया गया पुरस्कृत
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के उत्थान के लिए काम करने वाली 11 महिलाओं को सम्मानित किया। इनमें रंजना द्विवेदी, सीता कुंवर, स्नेहा त्यागी, कुसुम, भानमती, सुनीता, आरती, प्रियंका राय, रेनू यादव, श्रीमती सोनी और संतोष कुमारी को ‘मिशन शक्ति पुरस्कार’ से सम्मानित भी किया।
माता के समान कोई छाया नहीं
मुख्यमंत्री ने अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस बधाई देते हुए कहा कि न तो माता के समान कोई छायां है और न हीं माता के समान कोई सहारा व रक्षक है। यही हम भारतीयों की धारणा रही है। उन्होंने कहा कि इसी धारणा के तहत सरकार ने मिशन शक्ति की शुरूआत शारदीय नवरात्रि के दिन की थी। नारी शक्ति की प्रतीक मां भगवती दुर्गा के अनुष्ठान का कार्यक्रम हम वर्ष में दो बार आयोजित करते हैं। दोनों अवसरों पर हम नारी शक्ति के बारे में उसकी महिमा उनकी शक्ति के एहसास की तुलना ही नहीं बल्कि उसका अनुसरण भी करते हैं। नारी सम्मान को सिर्फ त्योंहारों व औपचारिकताओं तक ही सीमित नहीं रखना है। इसलिए अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मिशन शक्ति के दूसरे चरण का आगाज किया जा रहा है।
थारू जाति को मिली नई पहचान’
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विविधता को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की जनता के समग्र व समावेशी विकास के लिए योजनाओं को तैयार किया गया। ताकि जाति, भाषा व क्षेत्र के नाम पर विभाजन न हो सके। इसी उद्देश्य से लखीमपुर की थारू जनजाति द्वारा तैयार उत्पादों को ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना से जोड़ा गया। इससे उनको राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिली। उन्होंने लखीमपुर की आरती राणा के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि जनजाति समाज से जुड़ी आरती राणा ने केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाने का काम कर रही हैं।
बुंदेलखंड से रूका पलायन, मिला पानी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड सूखे से त्रस्त रहता था। इस वजह से यहां के लोग पलायन करने पर मजबूर थे। सरकार बनने के बाद चार सालों में सूखे की समस्या का काफी हद तक निदान किया गया है। हर घर नल योजना के जरिए शुद्ध पेयजल की उपलब्धता कराई जा रही है। 2019 में यहां बलिनी मिल्क प्राडयूसर की स्थापना की गई। एक साल में ही बलिनी मिल्क प्राडयूसर ने 46 करोड़ रुपए का टर्नओवर किया और 2 करोड़ का मुनाफा कमाया।
चार महिलाओं ने सुनाई अपने संघर्षों की कहानी
इस मौके पर स्वयं सहायता समूह बनाकर 3600 महिलाओं को दुग्ध उत्पादन से जोड़ने वाली झांसी की रवि रंजना पाल, रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित व थारू परम्पराओं से संबंधित हस्तशिल्प कला उद्योग के प्रति जनजाति महिलाओं को प्रेरित करने में विशिष्ट योगदान करने वाली लखीमपुर खीरी की आरती राणा, 20 किमी. की वॉक में राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करने और टोकियो ओलम्पिक के लिए चयनित मेरठ की एथलीट प्रियंका गोस्वामी और महिलाओं को होजरी गारमेंट के रोजगार से जोड़ने वाली गोरखपुर की वर्षा श्रीवास्तव ने अपने-अपने संघर्षों के बल पर सफलता की मंजिल पाने का अनुभव साझा किया। इन महिलाओं को भी सम्मानित किया गया।
माता के समान कोई छाया नहीं
मुख्यमंत्री ने अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस बधाई देते हुए कहा कि न तो माता के समान कोई छायां है और न हीं माता के समान कोई सहारा व रक्षक है। यही हम भारतीयों की धारणा रही है। उन्होंने कहा कि इसी धारणा के तहत सरकार ने मिशन शक्ति की शुरूआत शारदीय नवरात्रि के दिन की थी। नारी शक्ति की प्रतीक मां भगवती दुर्गा के अनुष्ठान का कार्यक्रम हम वर्ष में दो बार आयोजित करते हैं। दोनों अवसरों पर हम नारी शक्ति के बारे में उसकी महिमा उनकी शक्ति के एहसास की तुलना ही नहीं बल्कि उसका अनुसरण भी करते हैं। नारी सम्मान को सिर्फ त्योंहारों व औपचारिकताओं तक ही सीमित नहीं रखना है। इसलिए अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मिशन शक्ति के दूसरे चरण का आगाज किया जा रहा है।
थारू जाति को मिली नई पहचान’
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विविधता को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की जनता के समग्र व समावेशी विकास के लिए योजनाओं को तैयार किया गया। ताकि जाति, भाषा व क्षेत्र के नाम पर विभाजन न हो सके। इसी उद्देश्य से लखीमपुर की थारू जनजाति द्वारा तैयार उत्पादों को ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना से जोड़ा गया। इससे उनको राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिली। उन्होंने लखीमपुर की आरती राणा के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि जनजाति समाज से जुड़ी आरती राणा ने केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाने का काम कर रही हैं।
बुंदेलखंड से रूका पलायन, मिला पानी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड सूखे से त्रस्त रहता था। इस वजह से यहां के लोग पलायन करने पर मजबूर थे। सरकार बनने के बाद चार सालों में सूखे की समस्या का काफी हद तक निदान किया गया है। हर घर नल योजना के जरिए शुद्ध पेयजल की उपलब्धता कराई जा रही है। 2019 में यहां बलिनी मिल्क प्राडयूसर की स्थापना की गई। एक साल में ही बलिनी मिल्क प्राडयूसर ने 46 करोड़ रुपए का टर्नओवर किया और 2 करोड़ का मुनाफा कमाया।
चार महिलाओं ने सुनाई अपने संघर्षों की कहानी
इस मौके पर स्वयं सहायता समूह बनाकर 3600 महिलाओं को दुग्ध उत्पादन से जोड़ने वाली झांसी की रवि रंजना पाल, रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित व थारू परम्पराओं से संबंधित हस्तशिल्प कला उद्योग के प्रति जनजाति महिलाओं को प्रेरित करने में विशिष्ट योगदान करने वाली लखीमपुर खीरी की आरती राणा, 20 किमी. की वॉक में राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करने और टोकियो ओलम्पिक के लिए चयनित मेरठ की एथलीट प्रियंका गोस्वामी और महिलाओं को होजरी गारमेंट के रोजगार से जोड़ने वाली गोरखपुर की वर्षा श्रीवास्तव ने अपने-अपने संघर्षों के बल पर सफलता की मंजिल पाने का अनुभव साझा किया। इन महिलाओं को भी सम्मानित किया गया।
मिशन शक्ति अभियान में दिखी सशक्तिकरण की झलक: ज्ञान सुधा मिश्रा
इस मौके पर सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश ज्ञान सुधा मिश्रा ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर पहले भी तमाम कार्यक्रमों का आयोजन होता था, लेकिन उसमें सिर्फ औपचारिकता दिखती थी। लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किए गए मिशन शक्ति अभियान के तहत होने वाले कार्यक्रमों में महिलाओं के सशक्तिकरण का वास्तवित झलक देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा व स्वांवलंबन के लिए सरकार ने एक विजन के साथ काम किया है। उन्होंने महिलाओं से थानों में महिला पुलिस चौकी परामर्श केंद्र खोले जाने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे महिलाओं को बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने महिला अपराध को सख्ती से रोकने के लिए कानून के स्तर पर और सुधार करने की जरूरत बताई। उन्होंने अभिभावकों व समाज के जागरूक लोगों से भी बेटियों को आर्थिक व मानसिक रूप से स्वालंबी बनाने की अपील की।
पांच हजार महिलाओं को बैंक सखी की ट्रेनिंग देगा इंडियन बैंक: पद्मजा
इंडियन बैंक की एमडी व सीईओ पद्मजा चुंदरू ने सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाये गए कदम की सराहना करते हुए कहा कि यूपी की स्थिति का सीधा असर देश की इकोनामी पर पड़ता है। इसलिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सरकार को भरोसा दिया है कि इंडियन बैंक समाजाकि योजनाओं में पूरी मदद को तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू की गई बैंक सखी योजना के तहत 58000 महिलाओं को ट्रेनिंग दिया जा रहा है, इसमें 5 हजार महिलाओं के ट्रेनिंग की जिम्मेदारी इंडियन बैंक ने ली है। बैंक ने प्रोजक्ट संगम की भी शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती निरक्षरता है। इस लिए महिलाओं को इस चुनौती को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ना है।
पांच हजार महिलाओं को बैंक सखी की ट्रेनिंग देगा इंडियन बैंक: पद्मजा
इंडियन बैंक की एमडी व सीईओ पद्मजा चुंदरू ने सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाये गए कदम की सराहना करते हुए कहा कि यूपी की स्थिति का सीधा असर देश की इकोनामी पर पड़ता है। इसलिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सरकार को भरोसा दिया है कि इंडियन बैंक समाजाकि योजनाओं में पूरी मदद को तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू की गई बैंक सखी योजना के तहत 58000 महिलाओं को ट्रेनिंग दिया जा रहा है, इसमें 5 हजार महिलाओं के ट्रेनिंग की जिम्मेदारी इंडियन बैंक ने ली है। बैंक ने प्रोजक्ट संगम की भी शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती निरक्षरता है। इस लिए महिलाओं को इस चुनौती को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ना है।