कैमरे रखेंगे जेलों की हर गतिविधि पर नजर, सीएम ने जेल मुख्यालय पर वीडियो वॉल का किया लोकार्पण
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को जेल मुख्यालय के कमांड सेंटर में वीडियो वॉल का लोकार्पण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के उपयोग से कार्यों में पारदर्शिता और तेजी आई है। इसकी वजह से जेलों में व्यापक सुधार सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार वीडियो वॉल जैसी तकनीक का जेलों में प्रयोग किया जा रहा है। यह आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस से संचालित होगा। प्रदेश की 50 जेलें इस सुविधा से जुड़ी हैं।
इस तकनीक से किसी भी प्रकार की घटना और दुर्घटना को रोका जा सकता है। नई व्यवस्था से जेल के बंदियों से मिलने आने वाले लोगों पर भी नजर रखी जा सकेगी। वीडियो वॉल के माध्यम से जेलों की 24 घंटे निगरानी की जा सकेगी। इससे जेलों में कैदियों के भागने, बवाल करने या फिर प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध के प्रवेश करते ही जेल मुख्यालय को अलर्ट मिल जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब प्रदेश की जेलों से अपराध संचालित होते थे। जेल अपराधियों के गढ़ बन चुके थे, लेकिन हमारी सरकार बनने के बाद जेलों में व्यापक सुधार किए गए। वीडियो वॉल उसी सुधार की दिशा में बड़ा कदम है। जेल में एक लाख लोगों को बैठाकर खाना खिलाते हैं। उन्हें किसी काम में लगा सकें, रचनात्मक कार्यक्रमों में जोड़ सकें तो यह पूरे देश के लिए अनुकरणीय उदाहरण हो सकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपदों में तैनात अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल बना कर जेलों की रेंडम चेकिंग की जाए। इस दौरान जेल प्रशासन एवं सुधार विभाग के राज्यमंत्री जय कुमार सिंह जैकी व अन्य उच्च अधिकारी मौजूद थे। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव गृह व जेल अवनीश कुमार अवस्थी ने अपने संबोधन में जेलों में सुधार को लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
मोबाइल पर अलर्ट की सुविधा भी जल्द
इस मौके पर अधिकारियों ने बताया कि जेलों में होने वाली हर गतिविधि पर अलर्ट वाला मैसेज वीडियो वॉल के साथ ही मोबाइल पर भी मिल सकेगा। इसके लिए एक एप बनाया गया है। इस एप को डाउनलोड करते ही मोबाइल पर इसका अलर्ट मिलने लगेगा।
जेलों में मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित
इस मौके पर डीजी कारागार आनंद कुमार ने कहा कि जेलों में किसी को भी मोबाइल फोन नहीं ले जाने दिया जा रहा है। इसमें जेल कर्मियों से लेकर अधिकारी तक शामिल हैं। नियम का उल्लंघन करने पर बर्खास्तगी तक का कदम उठाया जा चुका है। इससे व्यवस्था से जेल में पूर्व में होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगा है।