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1076 सीएम हेल्पलाइन: एक कॉल पर घर बैठे होगा समस्या का समाधान

Tue, 30 Jan 2018 06:55 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 30 Jan 2018 06:55 PM IST
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cm helpline will start soon for up people
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मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर एक कॉल कर घर बैठे जनता की शिकायत और समस्या का समाधान किया जाएगा।

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सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से तैयार हेल्पलाइन के लिए पांच सौ कर्मचारी प्रति शिफ्ट की क्षमता का कॉल सेंटर राजधानी में स्थापित किया गया है। हेल्पलाइन का आगामी दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उद्घाटन करेंगे।

सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजीव सरन ने मंगलवार को योजना भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि सभी प्रशासन, पुलिस सहित विभागों, निकायों, बोर्ड, निगम और आयोगों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन 1076 तैयार की गई है।
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इसमें 1076 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर जनता अपनी समस्या या शिकायत दर्ज करा सकती है। शिकायत दर्ज करते ही ऑनलाइन संबंधित विभाग को हस्तांतरित की जाएगी और संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को मोबाइल संदेश के जरिए उसके समाधान के लिए निर्देशित किया जाएगा।
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समस्या का समाधान करने पर अधिकारी या कर्मचारी को पुन: कॉल सेंटर पर जानकारी देनी होगी। अधिकारी या कर्मचारी की ओर से मिली सूचना के आधार पर शिकायतकर्ता को फोन कर सत्यापन किया जाएगा कि समाधान हुआ या नहीं।

शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं होने पर संबंधित विभाग के उच्च अधिकारी को हस्तांतरित किया जाएगा। यदि शिकायत या समस्या का समाधान नहीं हो सकता है तो उसका कारण स्पष्ट करते हुए शिकायतकर्ता को उसकी जानकारी भी दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि गोमती नगर में हेल्पलाइन का कॉलसेंटर स्थापित किया गया है। इसमें प्रतिदिन तीन शिफ्ट में संचालित होने वाले कॉल सेंटर में एक शिफ्ट में 500 कर्मचारी जनता की शिकायतें सुनने के लिए मौजूद रहेंगे। कॉल सेंटर के लिए 1300 कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है।

राजधानी को बनाएंगे आईटी हब

संजीव सरन ने कहा कि सरकार ने आईटी और इलेक्ट्रोनिक्स के क्षेत्र में निवेश पर बड़ी रियायत व सुविधाएं देकर प्रदेश के साथ राजधानी लखनऊ को आईटी हब बनाने की दिशा में प्रयास शुरु किया है। प्रदेश में दो हजार स्टार्ट अप्स शुरु हुए हैं।

राजधानी में एचसीएल ने आईटी सिटी की स्थापित किया है, 100 एकड़ में बन रहे आईटी सिटी में अभी 2500 कर्मचारी काम कर रहे हैं। पूरी तरह स्थापित होने पर इसमें 75000 कर्मचारी काम करेंगे। उन्होंने बताया कि राजधानी में सबसे बड़ा इंक्यूवेटर हब बनाया जाएगा। इसके लिए एयरपोर्ट के पास 40 एकड़ जमीन आवंटित की जा रही है। सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए एक हजार करोड़ का फंड देने की घोषणा की भी है।

सात जिलों में एसटीपीआई स्थापित करेंगे

संजीव सरन ने बताया कि मेरठ, आगरा, गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और बरेली में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) स्थापित करने की शुरुआत की गई है। मेरठ, आगरा और गोरखपुर में काम शुरु हो गया है जबकि लखनऊ, कानपुर और बरेली में जमीन मिल गई है। उन्होंने कहा कि एसटीपीआई के जरिए प्रदेश के 614 इंजीनियरिंग कॉलेजों से प्रति वर्ष इंजीनियिरंग की डिग्री प्राप्त कर निकलने वाले युवाओं को रोजगार मिलेगा।

प्रदेश में बन रहे हैं नौ कंपनियों के मोबाइल

संजीव सरन ने बताया कि प्रदेश में सैमसंग, एलजी, पेनासोनिक, लावा, ओपो, विवो, कार्बन, जीओनी और इनफोकस कंपनियों के मोबाइल ग्रेटर नोएडा और नोएडा क्षेत्र में बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीते तीन वर्र्षों में देश में 107 नई इलेक्ट्रोनिक्स और मोबाइल कंपनियां आई हैं इनमें से 47 कंपनियां यूपी में आई हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा से प्रतिवर्ष 36,000 करोड़ रुपये के मोबाइल, इलेक्ट्रोनिक्स उपकरण और सॉफ्टवेयर निर्यात किए जाते हैं।

हजारों करोड़ का निवेश आएगा

संजीव सरन ने बताया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे को इलेक्ट्रोनिक्स मैन्युफेक्चरिंग जोन घोषित करने से प्रदेश में हजारों करोड़ का निवेश आएगा। डिक्सन कंपनी की ओर से पांच सौ करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया गया है।
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