सीएम फ्लीट के एंबुलेंस ड्राइवर की डेंगू से मौत, आंकड़ा पहुंचा 43 पर
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डेंगू के साथ-साथ अब वायरल का प्रकोप भी बढ़ता जा रहा है। डेंगू की चपेट में आकर बृहस्पतिवार को चार की मौत हो गई। एक मरीज की मौत ट्रॉमा सेंटर और तीन की निजी अस्पतालों में हुई है। वहीं वायरल फीवर से तीन मरीजों ने दम तोड़ दिया।
इसमें सीएम की फ्लीट की एंबुलेंस का ड्राइवर भी है। इसी के साथ डेंगू से मरने वालों का आंकड़ा 43 पहुंच चुका है, जबकि मरीजों की संख्या 732 पहुंच चुकी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य महकमा डेंगू की रोकथाम को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
बृहस्पतिवार को बाराबंकी के अब्दुल्ला नगर निवासी रूप नारायण (50) की निजी अस्पताल, इंदिरानगर के सी ब्लॉक निवासी जीके मल्ल की 40 वर्षीय बहू की शेखर अस्पताल में, बाराबंकी के कैलाश (14) की निजी अस्पताल में मौत हो गई।
डेंगू की रोकथाम को लेकर नहीं किए जा रहे खास उपाय
जबकि कानपुर के हरिओम ने डेंगू से ट्रॉमा सेंटर के कैजुअलिटी वार्ड में दम तोड़ दिया। उन्हें कानपुर से केजीएमयू रेफर किया गया था। उधर, वायरल फीवर भी तीन लोगों के लिए काल बन गया। सीएम की फ्लीट के एंबुलेंस ड्राइवर राम मनोहर रावत की मौत हो गई।
राम मनोहर को दो दिन पहले तेज बुखार आया था। उसने सोमवार को सिविल अस्पताल की ओपीडी से दवा ली थी। बुधवार को हालत बिगड़ी तो उसे सिविल में भर्ती कराया गया। बृहस्पतिवार तक जब बुखार काबू में नहीं आया तो उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया।
जहां उसकी मौत हो गई। इसी तरह गोमती नगर की निर्मल कुमारी ने बुखार के कारण सिविल अस्पताल में दम तोड़ दिया। उनका कुछ दिन निजी अस्पताल में इलाज चला था लेकिन वहां जब कोई फायदा नहीं हुआ तो सिविल अस्पताल रेफर किया गया था। बाराबंकी की अफसरी (25) ने भी बुखार के कारण ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया।