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सीएम अखिलेश ने वित्त मंत्री को लिखी चिट्ठी, 30 नवंबर तक मान्य हों बंद नोट
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 11 Nov 2016 02:10 PM IST
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यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने वित्त मंत्री को पत्र लिखा है कि अस्पतालों, नर्सिंगहोम और दवा की दुकानों में 500 और 1000 के नोट लेने की तिथि बढ़ा दी जाए ताकि मरीजों को असुविधा न हो। उन्होंने लिखा कि इन जगहों पर पुराने नोट लेने की तिथि बढ़ाकर कम से कम 30 नवंबर तक कर दी जाए।
अखिलेश ने पत्र में लिखा है कि भारत सरकार ने 1000 और 500 के नोटों को तात्कालिक प्रभाव से अवैध घोषित कर दिया है। उन्होंने आगे लिखा, आपको मालूम होगा कि बहुत सारी जनसंख्या इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर है।
जब गरीब आदमी, किसान या आम इंसान चिकित्सा, आपदा, दुर्घटना, बीमारी में निजी नर्सिंग होम या अस्पताल में इलाज के लिए या भर्ती होने जाता है तो नोटों पर प्रतिबंध के चलते उसे भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते कई मरीजों के लिए ये स्थिति जानलेवा साबित हो रही है।
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अखिलेश ने पत्र में लिखा है कि भारत सरकार ने 1000 और 500 के नोटों को तात्कालिक प्रभाव से अवैध घोषित कर दिया है। उन्होंने आगे लिखा, आपको मालूम होगा कि बहुत सारी जनसंख्या इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर है।
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जब गरीब आदमी, किसान या आम इंसान चिकित्सा, आपदा, दुर्घटना, बीमारी में निजी नर्सिंग होम या अस्पताल में इलाज के लिए या भर्ती होने जाता है तो नोटों पर प्रतिबंध के चलते उसे भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते कई मरीजों के लिए ये स्थिति जानलेवा साबित हो रही है।
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उन्होंने कहा कि ये स्थिति 1000 और 500 के नोट अचानक बंद होने से उत्पन्न हुई है तो आपसे निवेदन है कि तुरंत हस्तक्षेप करके निजी अस्पताल, नर्सिंग होम और दवा की दुकानों में पुराने नोट स्वीकार करने की तिथि बढ़ाकर 30 नवंबर 2016 कर दें।
कैश निकालने में जबरदस्त मारामारी
बैंक के बाहर जुटी भीड़
- फोटो : amar ujala
गौरतलब है कि बीते मंगलवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में 500 और 1000 के नोट बंद करने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री के मुताबिक ये कदम कालेधन और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।
नोट बंद करने की घोषणा के दो दिन बाद तक अस्पतालों और दवा की दुकानों में ये नोट स्वीकार करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि इसके बावजूद लोगों को काफी असुविधा हुई। अस्पतालों और दवा की दुकानों ने हजार और पांच सौ के नोट तो स्वीकार किए लेकिन छुट्टे की कमी बताकर मरीजों के साथ नोकझोंक हुई।
10 नवंबर से बैंकों में पुराने नोट बदले जा रहे हैं लेकिन वहां भी जबरदस्त भीड़ और अफरातफरी का माहौल है। 11 नवंबर से एटीएम चालू कर दिए गए हैं लेकिन ज्यादातर एटीएम बंद हैं, आउट ऑफ सर्विस हैं साथ ही वहां भी मारामारी है।
नोट बंद करने की घोषणा के दो दिन बाद तक अस्पतालों और दवा की दुकानों में ये नोट स्वीकार करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि इसके बावजूद लोगों को काफी असुविधा हुई। अस्पतालों और दवा की दुकानों ने हजार और पांच सौ के नोट तो स्वीकार किए लेकिन छुट्टे की कमी बताकर मरीजों के साथ नोकझोंक हुई।
10 नवंबर से बैंकों में पुराने नोट बदले जा रहे हैं लेकिन वहां भी जबरदस्त भीड़ और अफरातफरी का माहौल है। 11 नवंबर से एटीएम चालू कर दिए गए हैं लेकिन ज्यादातर एटीएम बंद हैं, आउट ऑफ सर्विस हैं साथ ही वहां भी मारामारी है।